परिवार में सुख, शांति, आरोग्य एवं समृद्धि के लिए हम सब भगवान के नाम का स्मरण पूजा-पाठ इत्यादि करते हैं। सनातन संस्कृति में सुख-सौभाग्य के लिए प्रतिदिन अथवा मुख्य अवसरों पर हवन करने को आवश्यक बताया गया है। जिस स्थान पर हवन किया जाता है, वहां उपस्थित लोगों पर तो उसका सकारात्मक असर पड़ता ही है साथ ही वातावरण में मौजूद रोगाणु और विषाणुओं के नष्ट होने से पर्यावरण भी शुद्ध होता है, शरीर स्वस्थ्य रहता है। क्योंकि हवन में काम में ली जाने वाली जड़ी बूटी युक्त हवन सामग्री, शुद्ध घी, पवित्र वृक्षों की लकड़ियां, कपूर आदि के जलने से उत्पन्न अग्नि और धुएं से वातावरण शुद्ध तो होता ही है,नकारात्मक शक्तियां भी दूर भागती हैं।