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हनुमान जयंती 2018: समस्त दोष और बाधाओं को दूर करते हैं हनुमान जी, घर पर लगाएं ऐसी तस्वीरें

Sat, 31 Mar 2018 09:40 AM IST
प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तुविद
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श्री राम भक्त हनुमान एकमात्र ऐसे साक्षात एवं जागृत देव हैं, जिनकी उपासना में पवित्रता और पूर्ण भक्ति भाव बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है,क्योंकि ब्रह्मचर्य का पालन करने के कारण उनका संपूर्ण जीवन पवित्र रहा है। हनुमान जी की उपासना से सुख, शांति, आरोग्य एवं लाभ की प्राप्ति होती है और कर्जा भी जल्दी ही चुक जाता है। शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए हनुमान जी की उपासना को ही सरल और सर्वोत्तम माना गया है। कहा जाता है कि जिस भवन में हनुमान जी का चित्र या प्रतिमा होती है, वहां भूत-प्रेत, पिशाच और बुरी आत्माएं कभी विचरण नहीं कर सकती हैं। मंगल, शनि व पितृ दोषों से मुक्ति के लिए भी हनुमान जी की आराधना कर सकते हैं।
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इस वर्ष है विशेष योग
इस वर्ष 31 मार्च को शनिवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र एवं पूर्णिमा होने से विशेष योग बन रहा है, इसलिए इस दिन विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना करना, हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और सुंदरकांड का पाठ करना शुभ एवं फलदाई होगा।
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विविध स्वरूप वाले हैं हनुमान
हनुमान जी के विविध मुद्राओं में चित्र देखने को मिलते हैं, जैसे-पर्वत उठाए हुए, लंका दहन करते हुए, श्री राम और लक्ष्मण को अपने कंधे पर लेकर उड़ते हुए, श्री राम के दरबार में भक्त के रूप में बैठे हुए, सूर्य को ग्रास बनाते हुए, लेटे हुए और प्रभु श्री राम के गले लगते हुए आदि इन सभी स्वरूपों का अपना-अपना महत्व है। भवन की दक्षिण दिशा में लाल रंग के बैठी हुई मुद्रा में लगाया गया हनुमान जी का चित्र सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इससे दक्षिण दिशा से घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा और बुरी ताकतें दूर होती हैं और घर में सुख, समृद्धि एवं शांति का प्रादुर्भाव होने लगता है।

भूत-प्रेत और बुरी आत्माओं से बचाव के लिए भवन के मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी का चित्र लगाया जा सकता है। वास्तु शास्त्र में मान्यता है कि पंचमुखी हनुमान जी का चित्र या प्रतिमा भवन में वास्तु दोषों का निवारण तो करती ही है, साथ ही वहां रहने वालों के जीवन में उन्नति के अवसर भी लाती है।

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प्रेम और स्नेह को बढ़ाते हैं हनुमान

यदि परिवार के सदस्यों में साहस और आत्मविश्वास की कमी हो, तो अपने एक हाथ में पर्वत उठाए हुए हनुमान जी का चित्र घर में लगाना चाहिए। जीवन में उत्साह, साहस और सफलता पाने के लिए घर में उड़ते हुए  हनुमान जी चित्र लगाया जा सकता है। भवन के ड्राइंग रूम में श्री राम दरबार में नमस्कार की मुद्रा में बैठे हुए  हनुमान जी का चित्र परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम, विश्वास, स्नेह और एकता को बढ़ाने में सहायक होता है। परिवार के सदस्यों में धार्मिक भावना बनाए रखने के लिए श्री राम की आराधना करते हुए अथवा भजन करते हुए  हनुमान जी का चित्र लगाना शुभ होता है। इस चित्र को घर में लगाने से परिवार के सदस्यों में आपसी विश्वास भी मजबूत होता है।
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कहां न लगाएं हनुमान जी का चित्र
चूंकि हनुमान जी बालब्रह्मचारी हैं, इसलिए भूलकर भी  हनुमान जी के चित्र या प्रतिमा को शयन कक्ष में नहीं लगाना चाहिए। सीढ़ियों के नीचे, रसोई घर अथवा  किसी अपवित्र स्थान पर भी हनुमान जी का चित्र नहीं लगाना चाहिए, अन्यथा अशुभ परिणाम मिलते हैं। घर में अदृश्य वास्तु दोषों के निवारण के लिए दक्षिण दिशा में त्रिकोणाकार मंगल यंत्र स्थापित करके नियम से प्रतिदिन ग्यारह माला " ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" मंत्र का जप करने से लाभ मिलता है।
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