घर में सुख-शांति बनी रहे इसके लिए जरूरी है वहां पर सकारात्मक ऊर्जा का बने रहना। इसके लिए जरूरी है कुछ आदतें बदलने की और अपने जीवन में कुछ बदलाव लाने की।
एक तुलसी का पौधा ईशान कोण में रखें, इसमें नियमित रूप से शुद्ध जल दें और शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपके घर -परिवार पर लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी । इसके आलावा संभव हो तो पीले फूलों वाला पौधा भी अवश्य लगाएं।
वास्तु दोषों के निवारण में गणेश जी की प्रतिमा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है। दक्षिणावर्त गणेशजी की प्रतिमा को उत्तर-पूर्व या पूर्व में रखें। घर में कई गणेश जी की प्रतिमाएं या तस्वीर न रखें।
विंड चाइम्स को घर में ऐसी जगह लगाएं जहां से हवा आती हो। बजने में इसकी ध्वनि मधुर हो, कर्कश आवाज़ न हो। इसके लिए वजन में हल्की तांबे की या किसी अच्छी धातु की विंड चाइम्स खरीदें।
रसोई में नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकने के लिए बाहर के जूते-चप्पल लेकर न आए। पानी का बर्तन उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। रसोई की खिड़किया खोलें ताज़ी हवा को अंदर आने दें,यहाँ प्रतिदिन धूपबत्ती भी जलाएं।
कांच के एक बर्तन में नमक की डलियां रखें और इसे ऐसे स्थान पर रखें जहाँ से किसी की नज़र इस पर न पड़े। यह घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। गुरूवार को छोड़कर प्रतिदिन घर में नमक मिले पानी का पौछा लगाना चाहिए।
पूजा घर में खंडित हुई मूर्तिया या देवचित्र न रखें,य हाँ सफाई रखें । सुबह-शाम नियमित रूप से घी का दीपक जलाएं और हो सके तो शंख नाद करें। ऐसा करने से आस-पास के वातावरण में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होगी और सकारात्मकता का माहौल बनेगा।