दिवाली की तैयारियां तो यूं तो महीने भर भले से ही शुरू होने लग जाती है, लेकिन दिवाली के कुछ दिन पहले भी घर की एक बार और साफ सफाई करके सजाया जाता है। इस समय अधिकतर लोगों की तैयारियां अंतिम चरण पर होगी कहा जाता है घर इस दिन घर को अच्छे तरह से सजाना चाहिए, ताकि मां लक्ष्मी घर आए। कई बार घर को अधिक सजाने के चक्कर में अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां भी कर बैठते हैं, जिससे वास्तु दोष लगने लगता है। इसीलिए घर सजाते है इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
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घर को सजाते समय सबसे पहले घर में रखे हुए कबाड़ पर ध्यान दें। कबाड़ वह सारी चीजें हैं, जिन्हें आप काफी दिनों से प्रयोग में नहीं ला रहे हैं। घर में पड़े खराब मशीन, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, बंद पड़ी घड़ी, पुराने वस्त्र जो पहनने के योग्य नहीं रह गए हैं, उन सभी सामग्रियों को घर से बाहर निकाल दें।
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अगर किसी जरूरतमंद को आपके अनुपयोगी सामन की जरूरत है तो उन्हें दे दें। वास्तुशास्त्र के अनुसार कबाड़ में रखी वस्तुओं से नकारात्मक उर्जा का संचार होता है। घर की सुंदरता और सजावट देखकर अगर लक्ष्मी माता आपके घर आ भी जाएंगी तो कबाड़ से निकलने वाली नकारात्मक उर्जा के प्रभाव के कारण वापस लौट जाएंगी।
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घर को महल की तरह सजा लें और घर के चारों तरफ और छत पर गंदगी को कूड़ा जमा हो तब मां लक्ष्मी आपके घर की ओर देखेंगी भी नहीं। यह उसी प्रकार गलत प्रभाव डालता है जैसे बाहर से गंदें गिलास में आप किसी को शरबत दें। व्यक्ति गिलास को देखकर ही शरबत पीने से इंकार कर देगा।
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घर के आगे या उत्तर दिशा की ओर गड्ढ़ा है तो उसे भरवाकर समतल करवा दें। इससे वास्तु दोष दूर होगा और अनुकूल स्थितियां बनेगी। जिन लोगों के घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की ओर है, उन्हें मुख्य द्वार पर पिरामिड या लक्ष्मी गणेश की तस्वीर लगानी चाहिए। आपके घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा या उत्तर दिशा की ओर है तो उत्तर पू्र्व दिशा को विशेष रूप से सजाएं।
घर के दरवाजे और खिड़कियों पर सरसों तेल लगाकर उन पर स्वास्तिक चिन्ह बनाएं और शुभ लाभ लिखें। दरवाजे पर तेल लगाने के पीछे एक बड़ा कारण यह है कि दरवाजा खुलते और बंद होते समय आवाज नहीं आए।
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