मां सरस्वती के दो हाथों में वीणा होनी चाहिए, जो संगीत, कला और बौद्धिक कौशल का प्रतीक है।
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मूर्ति की मुद्रा कैसे होनी चाहिए
- वसंत पंचमी की पूजा के लिए मां सरस्वती की मूर्ति कमल के फूल पर बैठी हुई होनी चाहिए। यह मुद्रा एकाग्रता, ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
- मूर्ति के चेहरे पर प्रसन्नता का भाव होना जरूरी है। उदास या दुखी मुद्रा वाली मूर्ति रखने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है।
- मां सरस्वती के दो हाथों में वीणा होनी चाहिए, जो संगीत, कला और बौद्धिक कौशल का प्रतीक है। इसके अलावा, मूर्ति के अन्य हाथों में पुस्तकों या अन्य शास्त्रों का होना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि यह शिक्षा और ज्ञान के महत्व को दर्शाता है।
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