फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Grah Nakshtra: होने वाला है कई ग्रहों में फेरबदल, जानिए ग्रहों पर प्रभाव और नक्षत्रों का योगदान

Sun, 10 Jul 2022 12:53 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
ज्योतिष एक स्वीकृत विज्ञान है और कई लोगों के लिए यह उनकी जीवन शैली का हिस्सा है।
Grah Nakshtra: वैदिक ज्योतिष में प्राचीन भारतीय संस्कृति की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं और मिथक शामिल हैं।  ज्योतिष एक स्वीकृत विज्ञान है और कई लोगों के लिए यह उनकी जीवन शैली का हिस्सा है। भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसमें की जाने वाली गणनाओं की मदद से ही ग्रहों जे गोचर या राशि परिवर्तन, उनकी चाल आदि कई बातों की जानकारी मिलती है। वैज्ञानिक रूप से इस बात का परमं मिलता है कि ग्रह और नक्षत्रों का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। ज्योतिषविदों के अनुसार ग्रहों की स्थिति का रपभाव न सिर्फ हमारे जीवन पर अपितु हमारी कुंडली पर भी पड़ता है। यदि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति आपकी कुंडली में कमजोर दिख रही है तो उचित परमर्शदातों से परामर्श लेते हुए कई उपाय किए जा सकते हैं। इससे जीवन में आने वाली समस्याएं दूर हो जाएंगी।  आइए जानते हैं ज्योतिषविद कामिनी खन्ना से इन ग्रहों के फेरबदल के बारे में। 
विज्ञापन

2 of 6
ग्रहों में होने वाला है फेरबदल 
ग्रहों में होने वाला है फेरबदल 
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 10 जुलाई से लेकर 17 जुलाई 2022 के बीच ग्रहों में काफी बदलाव आने वाले हैं। इससे पहले भी ग्रहों की ऐसी चाल देखी गई थी। इसमें सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर चुका है, बुध अस्त होकर मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। अब 13 जुलाई को शुक्र ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। 16 जुलाई को बुध और सूर्य कर्क राशि में गोचर करेंगे।
विज्ञापन

3 of 6
ग्रहों की स्थिति का राशि पर प्रभाव  - फोटो : istock
ग्रहों की स्थिति का राशि पर प्रभाव 
इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति में परिवर्तन होने के कारण इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। मेष, मिथुन, सिंह, मकर व कुंभ राशि वालों के लिए यह सप्ताह खास रहने वाला वहीं कर्क, कन्या, तुला व वृश्चिक राशि वालों के लिए यह सप्ताह उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। वृषभ, धनु व मीन राशि वालों के लिए यह सप्ताह मिला-जुला रहने वाला है। 

4 of 6
दक्ष प्रजापति की पुत्रियां हैं नक्षत्र 
दक्ष प्रजापति की पुत्रियां हैं नक्षत्र 
भारतीय वैदिक ज्योतिष की गणनाओं में महत्वपूर्ण माने जाने वाले 27 नक्षत्रों का जिक्र मिलता है । पुराणों में इन्हें दक्ष प्रजापति की पुत्रियां के रूप में वर्णित किया गया है। मान्यता है कि इनका विवाह सोम देव अर्थात चंद्र देव के साथ हुआ था। परंतु चंद्रदेव को सभी रानियों में सबसे प्रिय रोहिणी थी, जिसकी वजह से उन्हें श्राप का सामना भी करना पड़ा था। 
विज्ञापन

5 of 6
ये हैं 27 नक्षत्र 
ये हैं 27 नक्षत्र 
सारे नक्षत्रों का नामकरण इस प्रकार किया गया है: अश्विनी, भरणी, कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आद्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का विशेष योगदान  - फोटो : aa
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का विशेष योगदान 
भारतीय वैदिक ज्योतिष में नक्षत्र के सिद्धांत का वर्णन मिलता है। नक्षत्र के सिद्धांत अन्य प्रचलित ज्योतिष पद्धतियों से अधिक दावेदार और अचूक है। चन्द्रमा 27.3 दिन में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करता है। एक मासिक चक्र में चंद्रमा जिन मुख्य सितारों के समूहों के बीच से गुजरता है, उसी संयोग को नक्षत्र कहते हैं। चंद्रमा द्वारा पृथ्वी की एक परिक्रमा में 27 विभिन्न तारा-समूह बनते हैं और इन्ही तारों के विभाजित समूह को नक्षत्र या तारामंडल भी कहा जाता है। प्रत्येक नक्षत्र एक विशेष तारामंडल या तारों के एक समूह का प्रतिनिधि होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें