माना जाता है कि, रोहिणी के दौरान अगर बारिश होती है, तो इसे आम भाषा में रोहिणी का गलना कहा जाता है। वहीं इस वर्ष ग्रहों के अनुसार अच्छी बारिश के संकेत बन रहे हैं। इस वर्ष बारिश पूरे सीजन भर यानी तकरीबन 50-55 दिन बारिश के संकेत बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि, इस वर्ष ब्रह्मांड के राजा सूर्य और मंत्री शनि हैं। दोनों ही ग्रह तीव्र उष्मा देने वाले हैं। इसके कारण भी भीषण गर्मी होने के संकेत हैं।