विवाह मुहूर्त के लिए गुरुबल और सूर्यबल पर विचार जरूरी है।
- फोटो : istock
विवाह मुहूर्त के लिए गुरुबल और सूर्यबल पर विचार जरूरी
वधू की राशि में बृहस्पति यदि द्वितीया, पंचम, सप्तम, नवम और एकादश भाव में हो तो वो शुभ माना जाता है और चतुर्थ, अष्टम, और द्वादश भाव में गुरु होना अशुभ माना जाता है। ठीक इसी प्रकार वर की राशि में यदि सूर्य तृतीय, षष्ठम, दशम और एकादश भाव में हो तो वो शुभ होता हैं इसके अलावा चतुर्थ, अष्टम, द्वादश भाव अशुभ माना जाता है।