shani dev
शनि का पाया
शनि के राशि परिवर्तन के समय यदि चंद्रमा पहले, छठे और ग्यारहवें स्थान में हों तो सोने का पाया, दूसरे, पांचवें में तथा नवम स्थान में हो तो चांदी के पाये पर गोचर करते कहलाते हैं। जब शनिदेव तीसरे, सातवें एवं दसवें स्थान में हों तो तांबे का पाया और चौथे, आठवें तथा बारहवें स्थान में हो तो लोहे के पाए पर गोचर करते हुए माने गए हैं । सोने के पाए पर हों तो सुखों को देने वाले, चांदी के पाये पर गोचर करते हुए सौभाग्य बढ़ाने वाले और तांबे के पाए पर गोचर करते हुए शनि मध्यम फल देते हैं जबकि लोहे के पाए पर गोचर करते हुए शनि अनेक प्रकार के कष्ट एवं धन हानि करते हैं।