मकर राशि में आज शनि का गोचर हम सभी की राशियों पर गहरा प्रभाव डालेगा। शनि ग्रह को न्यायाधीश का दर्जा मिला हुआ है अर्थात जो व्यक्ति बुरे कर्म करता है शनि उसे दंडित करते हैं जबकि अच्छे कर्म करने वाले जातक को शनि के आशीर्वाद के रूप में शुभ फल प्राप्त होता है। शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी है। ये तुला राशि में उच्च और मेष राशि में नीच के होते हैं। शनिदेव सूर्यदेव के पुत्र हैं लेकिन दोनों के बीच शत्रु का भाव है।
शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले एकमात्र ग्रह है। धीमी चाल चलने की वजह से इसका असर काफी दिनों तक रहता है। जिस भी जातक की कुंडली में शनि रहते हैं उन पर अपनी सीधा प्रभाव डालते हैं। शनि का असर एक राशि पर ढाई साल से साढ़े सात साल तक रहता है। जब भी शनि का गोचर एक राशि से दूसरी राशि में होता है तब शनि उस राशि के अलावा उसके पहले वाली राशि और बाद वाली एक राशि पर पड़ता है। इसे ही साढ़ेसाती कहते हैं। आइए जानते हैं शनिदेव से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिसको जानना जरूरी है।