mauli - kalava
मौली बांधने से स्वास्थ्य लाभ
मौली कलाई पर उस स्थान पर बांधी जाती है, जहां से नाड़ी की गति मापी जाती है और व्यक्ति के शरीर में रोग का पता किया जाता हैं। इस जगह पर मौली बांधने से नाड़ी की गति पर दबाव बना रहता है, इसी स्थान से शरीर का नियंत्रण रहता है। मौली से दबाव बने रहने से कफ, वात और पित्त में सामंजस्य स्थापित होता है, जिससे हम कब,वात और पित्त से संबंधित रोगों से बचे रहते हैं।