रामायण के किरदार
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उधर, प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण माता सीता की खोज में ऋष्यमूक पर्वत पहुंच गए। प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर सुग्रीव भयभीत हो गया। उसे लगा कि कहीं इन दो वीरों को उनके भाई बाली ने तो उन्हें मारने के लिए नहीं भेजा है। मन में ये शंका लेकर वे हनुमान जी पास पहुंचे और उनसे कहा कि हे हनुमान! आप ब्रह्मचारी का रूप धारण करके उन अज्ञात वीरों के पास जाओ और यह पता लगाओ की कहीं उन्हें मेरे भाई बाली ने तो मुझे मारने के लिए नहीं भेजा है। तब हनुमान जी ने ऐसा ही किया।