फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ramdan 2020 Date: इबादत का महीना है रमजान, रोजेदार को मिलता है कई गुना सवाब

Sat, 25 Apr 2020 01:02 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
रमजान 2020
Ramadan 2020 Date, Wishes, Images: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, साल का नौवां महीना रमजान का होता है। इसे इबादत का महीना कहा जाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अनिवार्य रूप से रोजा रखा जाता है। रमजान की शुरुआत चांद को देखकर की जाती है। आज चांद का दीदार होने की संभावना है। इसलिए कल शनिवार 25 अप्रैल को रमजान का पहला रोजा रखा जा सकता है। वहीं देश के कुछ हिस्सों में गुरुवार से रमजान की शुरुआत हो चुकी है।
विज्ञापन

2 of 5
रमजान - फोटो : अमर उजाला
इस्लाम में बेहद पवित्र माना जाता है रमजान माह
इस्लाम मजहब में रमजान के महीने को बेहद पाक (पवित्र) माना जाता है। मान्यता के अनुसार, रमजान महीना अल्लाह की इबादत के लिए होता है। इस महीने रोजा (उपवास) रखें जाते हैं। पांचों वक्त की नवाज अदा की जाती है। कहा जाता है कि इस महीने की जाने वाली इबादत का सवाब अन्य महीनों से कई गुना ज्यादा मिलता है। रोजेदार के लिए अल्लाह जन्नत की राह खोल देता है।
विज्ञापन

3 of 5
रमजान 2020 - फोटो : Pixabay
रमजान में होने वाली प्रमुख रस्में
इस्लाम की रवायत के अनुसार, रमजान के महीने में रोजा रखना अनिवार्य होता है। रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार ये दो महत्वपूर्ण रस्में होती हैं। रमजान के दिनों में सुबह के समय में जब भोजन किया जाता है तो उसे सहरी कहते हैं। सहरी दिन में सूरज के निकलने से पहले किया जाता है। सेहरी करने को सुन्नत कहते है। वहीं दिनभर रोजा रखने के बाद शाम के समय जब सूरज डूब जाता है तब रोजा खोला जाता है इसे इफ्तार कहा जाता है। 

4 of 5
रमजान 2020 - फोटो : Social Media
रमजान माह के प्रमुख तीन हिस्से
रमजान माह के तीस दिनों को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है पहला हिस्सा अशरा (रहमत) का होता है। दूसरा अशरा मगफिरत का और तीसरा हिस्सा अशरा यानि दोजख से आजादी दिलाने का होता है। इस महीने रोजेदार को झूठ नहीं बोलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रमजान 2020
ऐसे हुई थी रमजान माह की शुरुआत
इस्लामिक मान्यता के अनुसार, 610 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद साहब पर लेयलत-उल-कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ नाजिल हुई थी। तब से रमजान माह को इस्लाम में पाक माह के रूप में मनाया जाने लगा। रमजान का जिक्र कुरान में भी मिलता है। कुरान में जिक्र है कि रमजान माह में अल्लाह ने पैगंबर मोहम्मद साहब को अपने दूत के रूप में चुना है। इसलिए रमजान का महीना मुसलमानों के लिए पाक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें