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Year Ender 2025: साल 2025 में शनि ने किया क्या-क्या? गोचर, नक्षत्र बदलाव, वक्री और अस्त की पूरी कहानी

Sat, 06 Dec 2025 10:41 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Year Ender 2025: जानें साल 2025 में शनि ग्रह ने कितनी बार किया गोचर, कब-कब राशि और नक्षत्र बदले और कितने दिनों तक रहे अस्त।
 
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year ender 2025 - फोटो : amar ujala
Year Ender Shani Gochar 2025: शनि ग्रह को धीमी चाल वाला ग्रह माना जाता है। यह लगभग ढाई साल में एक राशि परिवर्तन करता है और सभी 12 राशियों का चक्कर पूरा करने में लगभग 30 साल का समय लेता है। इसकी धीमी गति और लंबी अवधि के प्रभाव के कारण शनि का गोचर हमारे जीवन पर महत्वपूर्ण और गहरे प्रभाव डालता है। शनि ग्रह अपने गोचर के दौरान कर्म, जिम्मेदारी, अनुशासन, और जीवन की कठिनाइयों से जुड़ी घटनाओं को जन्म देता है। इस कारण ज्योतिष में शनि के गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

साल 2025 में शनि ग्रह ने राशि परिवर्तन किया और नक्षत्र गोचर भी किया। इस वर्ष शनि की चाल और गोचर की स्थिति ने विभिन्न राशियों के लिए अलग-अलग प्रभाव दर्शाए। इसके अलावा, शनि ग्रह कितने दिनों तक वक्री रहा और कितने दिनों तक अस्त (अंतराल में स्थिर) रहा, इस पर भी ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि वक्री और अस्तावस्था के समय शनि की ऊर्जा और प्रभाव अलग तरह से व्यक्त होते हैं। वर्ष 2025 में शनि से जुड़ी इन सभी ज्योतिषीय घटनाओं को जानना राशिफल और व्यक्तिगत जीवन में होने वाले बदलावों को समझने में सहायक होगा।
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शनि ग्रह राशि परिवर्तन - फोटो : adobe
शनि ग्रह राशि परिवर्तन 2025
साल 2025 में शनि ग्रह ने अपने धीमे और स्थिर गति से राशियों का गोचर जारी रखा। इस वर्ष शनि ने कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश किया। यह राशि परिवर्तन 29 मार्च 2025 को हुआ, जो शनिवार का दिन था। शनि ने मीन राशि में प्रवेश दोपहर 11 बजकर 01 मिनट पर किया। शनि का यह गोचर ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि प्रत्येक राशि में प्रवेश के साथ शनि का प्रभाव और उसकी ऊर्जा अलग-अलग तरीकों से व्यक्त होती है। मीन राशि में शनि प्रवेश के बाद लोगों की जिम्मेदारियों, कर्तव्यों और जीवन में अनुशासन को लेकर नए अवसर और चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।
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Shani Nakshatra Parivartan 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि ग्रह नक्षत्र परिवर्तन 2025
शनि ग्रह अपनी धीमी चाल के कारण नक्षत्रों में भी लंबी अवधि के बाद परिवर्तन करता है। वर्ष 2025 में शनि ने अश्विनी नक्षत्र से उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया। यह नक्षत्र परिवर्तन 28 अप्रैल 2025, सोमवार की सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर हुआ। इसके बाद शनि ने 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रात 9 बजकर 49 मिनट पर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया। नक्षत्र परिवर्तन का ज्योतिषीय महत्व बहुत अधिक होता है, क्योंकि इससे व्यक्ति के मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर असर पड़ता है। नक्षत्रों के अनुसार शनि की ऊर्जा और फल देने की प्रवृत्ति अलग-अलग होती है।

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Shani Gochar 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि ग्रह अस्त और वक्री 2025
वर्ष 2025 में शनि ग्रह ने कुल 40 दिन तक अस्त अवस्था में बिताई। शनि ने 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को शाम 7 बजकर 6 मिनट पर अस्त होना शुरू किया और 9 अप्रैल 2025, बुधवार को सुबह 5 बजकर 3 मिनट पर अस्तावस्था समाप्त हुई। वहीं शनि ग्रह वक्री अवस्था में 138 दिन तक रहे। यह अवधि 13 जुलाई 2025, रविवार से शुरू हुई और 28 नवंबर 2025, शुक्रवार को समाप्त हुई। वक्री होने पर शनि की ऊर्जा अंदरूनी सोच और जीवन में धीमी गति से बदलाव लाने पर केंद्रित होती है।
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Shani Gochar 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि ग्रह की विशेषताएं  
  • शनि ग्रह को न्याय और कर्म का फल देने वाला ग्रह माना जाता है।
  • यह ग्रह हमेशा व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देता है।
  • शनि ग्रह धीमी चाल से चलता है और इसलिए धैर्य, अनुशासन, परिश्रम और जिम्मेदारी सिखाता है।
  • शनि का प्रभाव विशेष रूप से मजदूर, किसान, इंजीनियर, साधु और मेहनती व्यक्तियों के जीवन में देखा जाता है।
 
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Shani Gochar 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि ग्रह कमजोर होने के लक्षण  
शनि ग्रह के कमजोर होने पर व्यक्ति को निम्नलिखित समस्याएँ हो सकती हैं-
  • धन की कमी
  • स्वास्थ्य समस्याएं 
  • परिवार में कलह
  • जीवन में बाधाएं और कठिनाइयां 
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Shani Gochar 2025 - फोटो : अमर उजाला
शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय 
  • सरसों के तेल का दान
  • शनि चालीसा का पाठ
  • अन्य धार्मिक अनुष्ठान और पूजा

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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