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ज्योतिष गणना 2020: नए साल में इन राशियों से हट जाएगी शनि की साढ़ेसाती और खत्म होगा ढैया का प्रकोप

Thu, 07 Nov 2019 10:39 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री
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वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म का कारक माना गया है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में शनि का शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव पड़ता है। शनि इस समय धनु राशि में संचार कर रहे हैं। साल 2020 में शनि अपनी राशि को बदलेंगे। 24 जनवरी 2020 को शनि धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करने वाले हैं। धनु, मकर और कुम्भ राशि के ऊपर शनि की साढ़े साती का मुख्य रूप से प्रभाव रहेगा। शनि के राशि परिवर्तन से कुछ राशियों से ढ़ैय्या व साढ़ेसाती समाप्त होती है तो कुछ पर आरंभ हो जाती है।
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shani dev
इस राशि से हटेगी शनि की साढ़े साती
15 नवंबर 2011 को शनि के तुला राशि में प्रवेश के साथ ही वृश्चिक राशि की साढ़ेसाती प्रारंभ हो गई थी जो अब 24 जनवरी 2020 की रात्रि को शनि के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही समाप्त हो रही है। सामान्यतः मार्गी और वक्री की यात्रा करते हुए शनिदेव एक राशि में 2700 दिन तक विचरण करते हैं किन्तु कई बार यह अवधि वक्री-मार्गी होते होते इसे भी पार कर जाती है। जैसे तुला राशि में शनि के प्रवेश के साथ ही बृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती आरंभ हुई थी जो अब 2 हजार 9 सौ 90 दिन बाद समाप्त हो रही है।
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राशि
मौजूदा समय में इन राशियों पर है शनि की साढ़ेसाती- वृश्चिक, धनु और मकर
इस समय शनि धनु राशि में गोचर है। ऐसे में धनु, वृश्चिक और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। जैसे कि हम जानते हैं कि शनि किसी राशि में ढाई साल तक रहता है तो उस राशि के आगे और पीछे वाली राशि पर भी शनि का पूरा असर होता है। इन तीनों पर शनि का प्रथम चरण, द्वितीय चरण और अंतिम कहलाता है। इस तरह एक राशि पर साढ़े सात साल तक शनि का असर होता है। इसे ही शनि की साढ़े-साती कहा जाता है। धीरे-धीरे ग्रहों की चाल में बदलाव से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव घटता जाता है।

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मौजूदा समय में शनि की ढैय्या: वृष और कन्या
अपने गोचर काल में जब शनिदेव किसी भी राशि पर गोचर करते हैं तो अपने पीछे की चौथी और आठवीं राशि पर अपनी ढैया का भी प्रभाव छोड़ते हैं इस कालखंड का फल प्राणियों के कर्मों के अनुसार ही मिलता है। यदि आपके कर्म अच्छे रहे तो आप मालामाल हो जाएंगे इसीलिए इसे लघु कल्याणी ढैया भी कहते हैं। किन्तु अशुभ एवं पाप कर्मों में लिप्त रहने पर यह अवधि और भी कष्टकारी रहती है। इसमें व्यक्ति को अत्यधिक उतार-चढ़ाव, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और कार्य बाधाओं का सामना करना पड़ता है। उस अवधि के मध्य यदि शनि पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो इनकी ढैया की अशुभता में कमी आती है।
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राशि
साल 2020 में इन राशियों को शनि की ढैय्या से मिलेगी मुक्ति 
वर्तमान समय में वृषभ एवं कन्या राशि के जातकों को शनि देव की अशुभ ढैया लोहे के पाए पर चल रही है। जिससे 24 जनवरी 2020 की रात्रि को शनिदेव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही ढैया से मुक्ति मिल जाएगी।
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