भगवान विष्णु के सभी अवतारों में भगवान राम को 12 कलाओं का ज्ञान था, जबकि श्रीकृष्ण श्री संपदा, भू संपदा, कीर्ति संपदा, वाणी सम्मोहन, लीला, कांति, विद्या, विमला, उत्कर्षिणि शक्ति, नीर-क्षीर विवेक, कर्मण्यता, योगशक्ति, विनय, सत्य धारणा, आधिपत्य और अनुग्रह क्षमता समेत 16 कलाओं से परिपूर्ण थे। कृष्ण को पूर्णावतार माना जाता है क्योंकि उन्होंने गुरु सांदीपनि से इन सभी 16 कलाओं को सीखा था। आइए भारतीय पंचांग के अनुसार श्रीकृष्ण के गुणों को जानते हैं —