ज्योतिष में मन के कारक चंद्रमा हैं क्योंकि इन्हें ही प्राणियों के मनःस्वामी होने का अधिकार दिया गया है। इनकी उत्पत्ति भी ब्रह्मा जी के मन से हुई हैं, चंद्रमा मनसो जातः। ज्योतिष में सभी ग्रहों में चंद्रमा का स्थान श्रेष्ठतम है क्योंकि प्राणियों की मनोवृत्ति ही उनके कर्मपथ का निर्धारण करती है। चंद्रमा लगभग सवा दो से ढाई दिन में एक राशि का विचरण करते हैं। दैनिक राशिफल चंद्रमा के गोचर के आधार पर ही कहा जाता जाता है। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में चंद्रमा लगभग 4 राशियों का भ्रमण करेंगे। सभी 12 राशियों पर इनके गोचर का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।