Venus Transit 2026: 1 अगस्त को सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर शुक्र ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और 1 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 46 मिनट तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद वे तुला राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष में शुक्र को सुख, सौंदर्य, प्रेम और भोग-विलास का कारक माना जाता है। इसका संबंध कुंडली के सातवें भाव से होता है और इसका प्रतीक रंग सफेद होता है। शनि, बुध और केतु शुक्र के मित्र माने जाते हैं, जबकि सूर्य, चंद्र और राहु इसके शत्रु हैं। मंगल और गुरु इसके प्रति तटस्थ रहते हैं। मीन राशि में शुक्र उच्च का और कन्या राशि में नीच का होता है। कुछ विशेष भावों को छोड़कर यह सामान्यतः शुभ फल देता है, जबकि कमजोर स्थिति में त्वचा से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। शुक्र को मजबूत करने के लिए गाय की सेवा और घी, दही, कपूर, मोती आदि का दान लाभकारी माना जाता है।
अब जानते हैं कि कन्या राशि में शुक्र के इस गोचर का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा...