Grahan Yog 2024: वैदिक ज्योतिष में सूर्य और राहु ग्रह का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष में जहां सूर्य को राजा का दर्जा हासिल है वहीं राहु को पापी और छाया ग्रह माना जाता है। जब सूर्य- राहु की युति होती है तो इसका बुरा प्रभाव सभी राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया पर भी पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी दो ग्रह किसी राशि में गोचर करते हैं तो शुभ और अशुभ दोनों ही तरह का प्रभाव देखने को मिलता है। सूर्य हर एक महीने में अपनी राशि बदलते हैं वहीं राहु उल्टी चाल से चलते हुए 18 महीनों के बाद अपनी राशि बदलते हैं। जल्द ही राहु-सूर्य का संयोग बनने जा रहा है। आपको बता दें 14 मार्च को मीन राशि में राहु और सूर्य की युति बनने जा रही है। ज्योतिष में राहु-सूर्य की युति को अशुभ माना जाता है। 14 मार्च को मीन राशि में सूर्य-राहु की यह युति 18 साल के बाद बनने जा रही है। इन दोनों ही ग्रहों की युति से ग्रहण योग का निर्माण होने जा रहा है। 14 मार्च को बनने जा रहा ग्रहण योग से कुछ राशि के जातकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी राशियां हैं जिनको ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।