अगस्त माह में सूर्य और केतु का संयोग बनने वाला है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास, सरकारी नौकरी, पिता और आत्मा का कारक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ केतु को धर्म, आध्यात्म, वैराग्य और मोक्ष का कारक माना जाता है। जब भी सूर्य और केतु का संयोग बनता है तो देश-दुनिया के साथ-साथ कई क्षेत्रों पर असर देखने को मिलता है। जहां एक तरफ सूर्य-केतु की युति से कुछ राशि वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है वहीं कुछ के लिए अच्छा समय शुरू हो जाता है। आइए जानते हैं भाग्यशाली राशियों के बारे में...