16 जुलाई को सूर्य कर्क राशि में गोचर करेंगे जिससे कर्क राशि में पहले से विराजमान गुरु संग गुरु आदित्य राजयोग का निर्माण होगा। इससे कुछ राशि वालों लाभ मिलने के संकेत हैं।
ग्रहों के राजा सूर्य 16 जुलाई को मिथुन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रदेव होते हैं। साथ ही कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति पहले से मौजूद हैं। इस तरह से कर्क राशि में सूर्य-गुरु की युति बनेगी। ज्योतिष में गुरु-सूर्य की युति को बहुत ही शुभ और प्रभावशाली राजयोग माना जाता है। इसके अलावा कई बार विशेष स्थितियों में महालक्ष्मी राजयोग का भी निर्माण होता है। गुरु-सूर्य की युति से कुंडली में महालक्ष्मी राजयोग बनता है। इस योग से भौतिक सुख-सुविधा, धन लाभ और भाग्य में वृद्धि होती है। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान और भाग्य का कारक माना जाता है जबकि सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना जाता है। गुरु-आदित्य राजयोग बनने पर व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
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मेष राशि
- फोटो : amar ujala
इन राशियों के लिए विशेष लाभकारी
मेष राशि
सूर्य के कर्क राशि में गोचर करने से और गुरु संग युति बनाने से मेष राशि वालों की सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। यह युति आपकी कुंडली के चौथे भाव में बन रही है। जिससे जमीन, मकान और वाहन आदि खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। परिवार में खुशहाली और पैतृक संपंत्ति से धन लाभ के प्रबल योग हैं।
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मिथुन राशि
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मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य-गुरु की युति धन भाव में हो रही है जिससे आर्थिक स्थिति को मजूबती मिलेगी। इस दौरान अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा जातकों को नए तरह के अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। आय में जबरदस्त इजाफा और धन लाभ के भरपूर मौके मिल सकते हैं। लेन-देन में आपको संभलकर रहने की जरूरत होगी।
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कर्क राशि
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कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए गुरु-सूर्य की युति बहुत ही शुभ और लाभकारी रहने वाली होगी। इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। साथ ही कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। प्रमोशन में लाभ के अवसरों में मिल सकते हैं। परिवार में सुख-सुविधाओं से जुड़ा को शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी और सेहत अच्छी रहेगी।
षडाष्टक और द्विद्वादश योग से सावधान
सूर्य-गुरु की युति से जहां शुभ आदित्य-गुरु योग बनेगा वहीं सूर्य-राहु से षडाष्टक योग और द्विद्वादश योग भी बनेगा। ऐसे में कुछ राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी। करियर और कारोबार के मामलों में आपको कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में धैर्य और संयम से काम लेना होगा नहीं तो किसी तरह की मुसीबत में फंस सकते हैं।