वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब एक से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इस सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है। सूर्यदेव को सभी ग्रहों में राजा का दर्जा प्राप्त है। सूर्य हर माह राशि बदलते हैं और जिसके कारण सालभर में कुल 12 संक्रांतियां होती है। ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार सूर्य 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करने वाले हैं। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही सभी राशियों के जीवन में इसका शुभ और अशुभ दोनों ही तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। सभी ग्रहों के अधिपति भगवान सूर्य 14 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 58 मिनट पर मीन राशि की यात्रा समाप्त करके अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 15 मई को दोपहर 11 बजकर 44 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद वृषभ राशि में चले जाएंगे। सूर्य के गोचर से कुछ राशियों का भाग्योदय होने के अच्छे संकेत हैं।