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Gems Astrology: भाग्य नहीं दे रहा साथ? इन 3 चमत्कारी रत्नों से चमक सकती है तकदीर

Sat, 20 Jun 2026 08:27 AM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

जानें 3 चमत्कारी रत्न जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार ये रत्न धन, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।
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रत्नों का चयन बहुत सावधानी से करना जरूरी होता है, क्योंकि गलत रत्न उल्टा प्रभाव भी डाल सकते हैं। - फोटो : अमर उजाला
Lucky Gemstones: अक्सर ऐसा देखा जाता है कि मेहनत और लगन के बावजूद कुछ लोग सफलता की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाते, जिसकी उन्हें उम्मीद होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसके पीछे ग्रहों की कमजोर स्थिति या कुंडली में असंतुलन एक बड़ा कारण हो सकता है। ऐसे में रत्न शास्त्र को एक प्रभावी उपाय माना गया है, जो ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित कर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। रत्न केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं होते, बल्कि सही रत्न धारण करने से आत्मविश्वास, सोचने-समझने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति भी मजबूत होती है। हालांकि, रत्नों का चयन बहुत सावधानी से करना जरूरी होता है, क्योंकि गलत रत्न उल्टा प्रभाव भी डाल सकते हैं। ऐसे में जानते हैं उन 3 शक्तिशाली रत्नों के बारे में, जो आपकी किस्मत बदलने की क्षमता रखते हैं।
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यह रत्न विवाह में आने वाली रुकावटों को दूर करने में मदद करता है और आर्थिक प्रगति के रास्ते खोलता है। - फोटो : abode

पुखराज
पुखराज को देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक रत्न माना जाता है और इसे ज्ञान, धन और आध्यात्मिक विकास का कारक कहा जाता है। यह खासकर धनु और मीन राशि वालों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। माना जाता है कि यह रत्न विवाह में आने वाली रुकावटों को दूर करने में मदद करता है और आर्थिक प्रगति के रास्ते खोलता है। इसे पहनने का सबसे शुभ समय शुक्ल पक्ष का गुरुवार, सूर्योदय के समय माना गया है। पुखराज को सोने या पीतल की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण किया जाता है। रत्न पहनने से पहले इसे शुद्ध करना बहुत जरूरी माना जाता है, जिसके लिए इसे गंगाजल, कच्चे दूध और शहद से साफ किया जाता है। साथ ही “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना गया है।

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यह रत्न व्यक्ति में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक शक्ति को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। - फोटो : adobe

माणिक्य
माणिक्य को रत्नों का राजा कहा जाता है क्योंकि यह सूर्य ग्रह से जुड़ा हुआ है। यह रत्न व्यक्ति में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक शक्ति को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। मेष, सिंह और धनु राशि के लोगों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। राजनीति, सरकारी नौकरी या नेतृत्व से जुड़े कार्यों में यह रत्न सफलता दिलाने में सहायक माना जाता है। इसे रविवार की सुबह स्नान के बाद धारण करना शुभ माना जाता है। माणिक्य को सोने या तांबे की अंगूठी में जड़वाकर अनामिका उंगली में पहनने की परंपरा है। हालांकि, यदि कुंडली में सूर्य कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो इसे बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के नहीं पहनना चाहिए।

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व्यापार, करियर और स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक हो सकता है। - फोटो : adobe stock

 नीलम
नीलम को शनिदेव का सबसे प्रभावशाली रत्न माना जाता है और इसे बहुत तेज असर देने वाला रत्न कहा जाता है। यह रत्न कई बार जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है, इसलिए इसे सावधानी से पहनने की सलाह दी जाती है। मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह विशेष रूप से शुभ माना गया है और यह व्यापार, करियर और स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक हो सकता है। इसे शनिवार की शाम या रात के समय धारण करना उचित माना जाता है। नीलम को लोहे या पंचधातु की अंगूठी में जड़वाकर मध्यमा उंगली में पहना जाता है। इसे पहनने से पहले 2-3 दिन तक अपने पास रखकर इसके प्रभाव को देखा जाता है। यदि मन शांत रहे और कोई नकारात्मक अनुभव न हो, तभी इसे स्थायी रूप से धारण किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता और संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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