सूर्य ग्रहण 2019 की तारीख और समय: 2 जुलाई यानी मंगलवार के दिन साल 2019 का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस बार सूर्य ग्रहण भारतीय समय अनुसार रात को 11 बजकर 30 मिनट पर लगेगा और खत्म 2 बजकर 15 मिनट तक होगा। यानी भारत में सूर्य ग्रहण देखने को नहीं मिलेगा। सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों में देखा जा सकता है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण में क्या करें और क्या न करें।
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सूर्यग्रहण
ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के समय कुछ खाया नहीं जाता है और न ही कुछ नया काम शुरू किया जाता है। इस दौरान सिर्फ भगवान का नाम लिया जाता है। आप चाहें तो दान या कुछ धार्मिक कार्य भी कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं का इस समय विशेष ध्यान रखना होता है। साथ ही आप अपने पूजा स्थान को कपड़े से ढ़ककर रखें। सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव करना चाहिए।
इस साल जुलाई महीने में सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण दोनों पड़ रहा है। 2 जुलाई को लगने वाले सूर्य ग्रहण का असर भारत में कम पड़ेगा। हालांकि सूर्य ग्रहण पृथ्वी पर कहीं भी लगे लेकिन इसका प्रभाव 12 राशियों पर जरूर पड़ता है।
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सूर्य ग्रहण
जब सूर्य घूमते-घूमते पृथ्वी के बीचों-बीच आ जाता है तो उस काल को सूर्य ग्रहण कहते हैं। भारतीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण अक्सर अमावस्या के दिन होता है जबकी चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन लगता है।
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सूर्यग्रहण
सूर्य ग्रहण से बचने के लिए सभी राशियों के लोगों को भगवान शिव का जाप करना चाहिए। फिर शिव चालीसा का जाप करना चाहिए। इस दौरान तुलसी पत्ता खाना भी अच्छा होता है।
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तीन तरह होता है सूर्य ग्रहण पहला, पूर्ण सूर्य ग्रहण - पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढ़क लेता है। दूसरा, खंड या आंशिक सूर्य ग्रहण - खंड या आंशिक सूर्य ग्रहण उसे कहते है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढ़क न सके। इसके खंड ग्रहण कहा जाता है।
तीसरा, वलयाकार सूर्य ग्रहण - जब ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के किनारों से रोशनी का छल्ला बनता हुआ दिखाई दे तो इस प्रकार के ग्रहण को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण का योग हमेशा अमावस्या के दिन ही बनता है।