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Pradosh Vrat 2022: आश्विन माह का प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Fri, 23 Sep 2022 09:20 AM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कब है आश्विन माह का प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त - फोटो : iStock
Shukra Pradosh Vrat 2022: प्रत्येक माह में दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस समय आश्विन माह चल रहा है और इस माह का प्रदोष व्रत 23 सितंबर 2022, दिन शुक्रवार को रखा जाएगा। इस दिन शुक्रवार होने की इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जाती है। शुक्र प्रदोष व्रत को सुख और समृद्धि को बढ़ाने वाला माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव शंकर के साथ देवी पार्वती की भी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजन करने से भोले भंडारी और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जातकों के जीवन में खुशियां आती हैं। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से रोग, ग्रह दोष, कष्ट, पाप आदि से मुक्ति मिलती है। ऐसे में चलिए जानते हैं प्रदोष व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और संपूर्ण पूजन विधि... 
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कब है आश्विन माह का प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त - फोटो : iStock
शुक्र प्रदोष व्रत तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 23 सितंबर दिन शुक्रवार को रात में 01 बजकर 17 मिनट पर हो रहा है और इस तिथि का समापन अगले दिन 24 सितंबर शनिवार को रात में 02 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदयातिथि और प्रदोष पूजा मुहूर्त के आधार पर शुक्र प्रदोष व्रत 23 सितंबर को रखा जाएगा। 
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कब है आश्विन माह का प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त - फोटो : iStock
शुक्र प्रदोष पूजा मुहूर्त
23 सितंबर को शुक्र प्रदोष की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 06 बजकर 17 मिनट से रात 08 बजकर 39 मिनट तक है। ऐसे में जो लोग प्रदोष व्रत रखेंगे, उनको शिव पूजा के लिए 02 घंटे से अधिक का समय प्राप्त होगा। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष मुहूर्त में ही करने का महत्व है। 

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कब है आश्विन माह का प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त - फोटो : pixabay
प्रदोष व्रत अनुष्ठान और पूजा
प्रदोष व्रत वाले दिन प्रदोष काल का समय शुभ माना जाता है। इस दौरान की गईं सभी प्रकार प्रार्थनाएं और पूजा सफल मानी जाती हैं। सूर्यास्त से एक घंटे पहले, भक्त स्नान करते हैं और पूजा के लिए तैयार हो जाते हैं। 
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कब है आश्विन माह का प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त - फोटो : iStock
स्नान के बाद संध्या के समय शुभ मुहूर्त में पूजन आरंभ करें। गाय के दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें। फिर शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाकर बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें। फिर विधिपूर्वक पूजन करें। 
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