शीतला अष्टमी पर बसौड़ा भोग
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शीतला अष्टमी पर बसौड़ा भोग
शीतला सप्तमी के अगले दिन शीतला अष्टमी पर माता को बसौड़े का भोग अर्पित किया जाता है। इस भोग में सप्तमी को ही तैयार किया गया भोजन चढ़ाया जाता है। आमतौर पर, इसमें गुड़-चावल या गन्ने के रस से बनी खीर होती है। इस दिन ताजा भोजन बनाने की मनाही होती है, और सभी भक्त इसी प्रसाद को ग्रहण करते हैं। इस प्रकार, शीतला सप्तमी और अष्टमी की पूजा विधि का पालन करने से माता की कृपा प्राप्त होती है और समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।