Shasha Rajyoga
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कैसे होता है शश राजयोग का निर्माण
शश राज योग का निर्माण तब होता है जब शनि ग्रह कुंडली में चौथे, सातवें या दसवें घर में मजबूत और शुभ स्थिति में होता है। इसे शश योग कहा जाता है क्योंकि शश शब्द का अर्थ शनि ग्रह से जुड़ा होता है। इस योग के प्रभाव से जातक को राजा जैसा सम्मान और ऐश्वर्य प्राप्त होता है, और यही कारण है कि इसे शश राज योग कहा जाता है। यह योग विशेष रूप से उन जातकों के लिए बहुत शुभ होता है, जिनके जीवन में संघर्ष और मुश्किलें आई होती हैं, क्योंकि यह योग जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के दरवाजे खोलता है।