27 जुलाई 2026 को शनि वक्री हो जाएंगे। इस समय शनि देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशि मीन में गोचर कर रहे है। शनि मीन राशि में 3 जून 2027 तक रहेंगे। लेकिन उसके पहले शनि 27 जुलाई को मीन राशि में वक्री यानी उल्टी चाल से चलने लगेंगे। शनिदेव 11 दिसंबर 2026 तक वक्री रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह होते हैं और ये एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, शनि की वक्री चाल चलने से सभी 12 राशियों के जातकों पर प्रभाव देखने को मिलता है। वहीं जिन लोगों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती चल रही है उनके ऊपर इसका महत्व काफी बढ़ जाता है। आपको बता दें कि इस समय मेष, मीन और कुंभ राशि वालों के शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। आइए जानते हैं शनि के वक्री होने से इन राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।