लोगों की जुबान पर शनि का नाम आते ही मन में तरह के भय सताने लगते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र मे शनि ग्रह को कर्मफलदाता और न्याय के कारक माने जाते हैं। शनि देव व्यक्ति को कर्म के अनुसार अच्छे और बुरे फल प्रदान करते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं यह किसी एक राशि में करीब ढाई सालों तक रहते हैं। शनि की चाल बदलने से इसका व्यापक असर सभी राशियों के जातकों पर होता है। शनि जल्द ही कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। शनि के कुंभ राशि में सीधी चाल से केंद्र त्रिकोण राजयोग बनने जा रहा है। शनि के वक्री होने और केंद्र त्रिकोण राजयोग बनने से कुछ राशि वालों पर बहुत ही शुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। शनि देव अभी कुंभ राशि में हैं और ये 17 जून 2023 को कुंभ राशि में रहते हुए वक्री हो जाएंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
वृषभ राशि
शनि का कुंभ राशि में व्रकी होने वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत ही शानदार और सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले साबित होता है। शनि के वक्री अवस्था में केंद्र त्रिकोण राजयोग बनने से जीवन में सुख, समृद्धि और ऐशोआराम की जीवन प्राप्त होगा। आप इस दौरान कोई नई संपत्ति की खरीदारी कर सकते हैं। जिसमें आपको आने वाले समय में बहुत लाभ के संकेत है। आपके द्वारा किया गया निवेश शानदार परिणाम लाएगा। आपकी आय में वृद्धि के अच्छे संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपके लिए मौके ही मौके आएंगे।
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मिथुन
शनि के वक्री होने की स्थिति में आपको अच्छा खासा फायदा होने के संकेत हैं। आफकी कुंडली में शनि नौवें भाव और केंद्र त्रिकोण राजयोग में रहते हुए भरपूर फायदा दिलाएगा। विद्यार्थियों को परीक्ष में सफलता प्राप्त के संकेत हैं। कार्य में अब आने वाली समस्याएं लगभग खत्म हो जाएंगी। नौकरी के बेहतरीन मौके आपको मिलेंगे।
सिंह
आपके लिए शनि का कुंभ राशि में वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं होगा। आपके आत्म विश्वास और धन लाभ के मौके आएंगे। समाज में आपका मान- सम्मान बढ़ेगा। आय के अनेक संसाधन प्राप्त होंगे । किसी खास मौके पर आपकी मुलाकात किसी ऐसी सदस्य से होगी जिसकी सफलता का राज आगे बढ़ता चला जाएगा।