Shani Vakri 2023: ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को क्रूर ग्रह माना गया है। शनिदेव व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि के राशि परिवर्तन से कुछ राशि वालों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और कुछ पर शनि की ढैय्या लग जाती है। मौजूदा समय में शनि अभी स्वराशि में कुंभ में विराजमान हैं और अब इसके बाद ये कुंभ राशि में रहते हुए 17 जून 2023 को रात 10 बजकर 48 मिनट पर वक्री अवस्था में हो जाएंगे। शनि इस अवस्था में 4 नवंबर तक रहेंगे। शनि की वक्री चाल से कुछ राशि वालों के ऊपर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं शनि की उल्टी चाल से किन-किन राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।