Shani Vakri 2022: ज्योतिष में शनि ग्रह की चाल और स्वभाव का विशेष महत्व होता है। शनि ग्रह को कर्म फल दाता कहा जाता है। यह व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर ही फल प्रदान करते हैं। शनि ग्रह के राशि परिवर्तन,अस्त,मार्गी और वक्री होने पर देश-दुनिया के साथ सभी जातकों के जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी भी राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं और इस दौरान मार्गी और वक्री चाल भी चलते हैं। शनि इस महीने 05 जून को सुबह करीब 4 बजे वक्री हो जाएंगे।