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Shani Transit 2023: शनि का राशि परिवर्तन, किसकी खुलेगी किस्मत, किसे रहना है सावधान ? सम्पूर्ण राशिफल

Wed, 16 Nov 2022 07:51 AM IST
विनोद शुक्ला आनंद पाराशर
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shani gochar 2022: शनि सभी 12 राशियों का एक चक्कर काटने में 30 वर्षों का समय लगाते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह माने गए इस कारण से इनका प्रभाव जातकों के ऊपर लंबे समय तक रहता है। - फोटो : अमर उजाला
Shani Transit 2023: वैदिक ज्योतिष में शनि को सबसे धीमा ग्रह का दर्जा प्राप्त है। शनि एक राशि में गोचर करने में लगभग ढाई वर्ष लेते हैं। शनि को कर्म और लाभ भाव का अधिकार दिया गया है वहीं वो राजनीति,रहस्य,खनन,तंत्र,गुप्तविद्या ,तेल,खनिज के कारक कहे जाते है। राजनीति में शनि को जनता का कारक कहा गया है। शनि देव की कृपा के बिना कोई भी उच्च पद पर आसीन नहीं हो सकता है। 17 जनवरी 2023 को शनि 3 दशक के बाद अपनी मूल त्रिकोण राशि में प्रवेश कर रहे है। उनके इस गोचर से 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा आइए समझते है। 
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rashi - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि दशम और लाभ भाव के स्वामी होते हैं। शनि इस आपके लाभ स्थान में ही गोचर करने वाले हैं। ग्यारहवें भाव में शनि बेहद शुभ फल देने वाले कहे गए हैं। शनि की दृष्टि आपके लग्न,पंचम और अष्टम भाव पर जा रही है। शनि देव की कृपा से अब आप अपना खुद का काम शुरू करने में सक्षम होंगे। अपने पिता की ओर से अब आपको सहायता मिलेगी और आपका भाग्य आपका साथ देगा। इस समय आप नई ऊर्जा से ओत प्रोत होंगे। जो भी आपके कार्य लंबित थे अब उनमे तेजी आने वाली है। इस गोचर के कारण व्यापारी वर्ग को अच्छा मुनाफा होगा और आपकी आय के एक से अधिक स्तोत्र खुलने वाले हैं। मित्र भी इस समय आपको मदद करेंगे। संतान पक्ष की ओर से आपको अच्छा सहयोग मिलेगा और संतान की उपलब्धि पर आपको गर्व होगा। शनि देव की कृपा से गुप्त विद्या में आपकी रूचि बढ़ सकती है। आप रहस्यों की दुनिया के प्रति आकर्षित हो सकते है जिसमे कुछ वर्षों में आपको सफलता भी मिलेगी। 
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rashi - फोटो : अमर उजाला
वृष राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि परम राजयोग कारक कहे जाते हैं। शनि भाग्य और दशम भाव के स्वामी होकर अब दशम भाव में ही गोचर करेंगे। अपनी मूल त्रिकोण राशि में आकर शनि बेहद बलवान हो जाते हैं। इस गोचर से वृष राशि के जातकों का भाग्य बदलने वाला है। शनि की दृष्टि बारहवें,चौथे और सप्तम भाव पर जा रही है। शनि की कृपा से वृष राशि के जातक अगले कुछ वर्षों में अपने कार्य स्थल पर उच्च पद प्राप्त करने वाले है। आपकी दूरदर्शिता का परिणाम अब आपको मिलने वाला है। जो जातक कई वर्षों से अपने भवन का सपना देख रहे है उनका सपना भी अब पूरा होगा। तेल,खनन,राजनीति,दर्शन,धर्म,ज्योतिष से जुड़े जातक अब तरक्की करेंगे। शनि देव के आशीर्वाद में आपका अब खुद का काम शुरू होगा। साझेदारी के काम से आपको अब मुनाफा आने वाला है। 

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rashi - फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि आठवें और नवें भाव के स्वामी होते हैं। शनि देव का अब गोचर आपके भाग्य स्थान में ही होने वाला है। मिथुन राशि के जातक पिछले ढाई साल से शनि की ढैया में थे जिससे वो अब मुक्त हो जाएंगे। शनि की दृष्टि आपके लाभ भाव, तीसरे भाव और छठे भाव पर जायेगी। शनि के इस गोचर के परिणामस्वरूप अब आपको भाग्य का साथ मिलने वाला है। व्यापारी वर्ग को अपने प्रतिष्ठान में अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद दिखाई पड़ रही है। परिवार की ओर से जो कुछ रूकावट आपको देखने को मिल रही थी अब उसका अंत हो जाएगा। किसी पुरानी बीमारी के ठीक होने के आसार नज़र आ रहे हैं। इस समय अपने मित्रों की मदद से आप समाज में बढ़िया काम करेंगे। साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी वही शनि देव अब आपको यात्राओं से अच्छा लाभ देने वाले हैं। ननिहाल पक्ष से किसी उपहार की प्राप्ति संभव है। 
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कर्क राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव के स्वामी होकर प्रबल मारकेश का काम करते हैं। अब शनि का गोचर आपके आठवें स्थान से ही होगा। शनि की इस स्थिति को ढैया के नाम से भी जाना जाता है। शनि की दृष्टि आपके दशम,दूसरे और पंचम भाव पर होगी। इस अवधि में आपके साथ अचानक से कोई बुरी घटना घटित हो सकती है। शनि के कारण आपको कार्य स्थल पर अधिक मेहनत करनी होगी और मानसिक तनाव से खुद को बचाना होगा। ससुराल पक्ष के साथ कोई लेन देन नहीं करें। इस गोचर में परिवार के सदस्यों के साथ झगड़ा हो सकता है। किसी को उधार दिया पैसा अटक सकता है। आपको इस समय अपनी वाणी पर काबू रखना होगा अन्यथा आपका नुकसान संभव है। नए काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल नहीं है। 
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सिंह राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि छठे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं। शनि का गोचर अब सातवें भाव में ही होगा जहां शनि मारकेश का काम करने वाले हैं। शनि की दृष्टि आपके भाग्य भाव,लग्न भाव और चौथे भाव पर होगी। इस समय शनि के गोचर से आपको दाम्पत्य जीवन में कुछ कठिनाई का सामना कर पड़ सकता है। आपके और आपके प्रेमी के बीच अनबन से तनाव बना हुआ रहेगा। इस समय अपनी पत्नी की सेहत का ध्यान रखना होगा। इस अवधि में नौकरी कर रहे जातकों को अपने सीनियर्स से मदद मिलने में देरी के योग बने हुए है। शनि के गोचर के प्रभाव से अपने पिता से मतभेद हो सकते हैं। इस समय अगर आप व्यापार करते है तो अपने अधीन कर्मचारियों का अपमान न करें। आलस्य का त्यागकर पूर्ण रूप से लक्ष्य प्राप्ति की और बढ़ना होगा। इस समय शनि के कारण थोड़ा मानसिक तनाव भी संभव है। 
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कन्या राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि पंचम और छठे भाव के स्वामी होते हैं। शनि का गोचर अब आपके छठे भाव में ही होने वाला है। शनि छठे भाव में बेहद शुभ फल देने वाले कहे गए है। शनि की दृष्टि अष्टम,बारहवें और तीसरे भाव पर होगी। शनि देव की कृपा से कन्या राशि के जातकों को नौकरी में उन्नति मिलने वाली है,ऐसा भी हो सकता है कि किसी बड़ी कंपनी से आपको नौकरी का ऑफर आ जाए। शनि के इस गोचर से आपके शत्रुओं का नाश होने वाला है। आपके खिलाफ जो लोग साजिश कर रहे थे वो बेनकाब होंगे। इस गोचर के परिणामस्वरूप आपको मंत्र तंत्र में सफलता मिलेगी। सालों से चली आ रही कोई बीमारी खत्म होगी। विदेश जाने का सपना पूरा हो सकता है। विदेशों से कारोबारी संबंध बनने की शुरुआत होगी। इस समय राजनीति से जुड़े जातकों को उनकी मेहनत का फल मिलने वाला है। आपकी वाणी प्रभावी होगी और यात्राएं शुभ होगी। 

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तुला राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि परम राजयोग कारक कहे गए हैं। शनि की मकर राशि केंद्र में वही कुंभ राशि त्रिकोण में होने के कारण शनि इस राशि के जातकों को शुभ फल देते हैं। शनि लग्नेश शुक्र के मित्र भी है और अब पंचम भाव में गोचर करने वाले हैं। शनि की दृष्टि सप्तम स्थान,एकादश स्थान और धन स्थान पर जा रही है। तुला राशि के जातक इस संचरण के कारण अब शनि की ढैया से मुक्त हो जाएंगे। शनि देव के इस गोचर के कारण अब आपके परिवार में कलह खत्म होगी। आपकी मानसिक शक्ति सुदृढ़ होगी। पढ़ाई कर रहे जातक अब एकाग्रचित से अपना अध्ययन कर सकते हैं। सरकारी नौकरी कर रहे जातकों को उच्च अधिकारी सहयोग करेंगे। व्यापारी वर्ग प्रसन्न रहेगा और काम का विस्तार होगा। स्त्री पक्ष की सेहत का ध्यान रखना होगा। साझेदारी में काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है। 

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वृश्चिक राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि तीसरे और चौथे भाव के स्वामी होते हैं। अब शनि का गोचर आपके चौथे भाव से ही होगा। शनि के इस संचरण से वृश्चिक राशि के जातक शनि की ढैया के प्रभाव में आ जाएंगे। शनि की दृष्टि आपके छठे भाव,दशम भाव और लग्न पर आ रही है। इस समय शनि का यह गोचर पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है। मानसिक तनाव की समस्या बढ़ सकती है। आपको इस गोचर काल के दौरान अपनी मां की सेहत का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा। किसी संपत्ति को खरीदने के चक्कर में आपका धन अटक सकता है इसलिए मित्रों का भरोसा नहीं करें। किसी कीमती सामान की चोरी हो सकती है। आपके शत्रु इस समय सक्रिय हो जाएंगे। कार्यों में देरी की वजह से आपका मन चिड़चिड़ा रहने वाला है। इस समय आपको नई नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है। 

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धनु राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि धन और पराक्रम भाव के स्वामी होते हैं। शनि का गोचर अब आपके तीसरे ही भाव में उनकी मूल त्रिकोण राशि में होगा। शनि देव तीसरे भाव में बलवान होकर जातक को शुभ फल देते हैं। शनि की दृष्टि आपके पंचम,भाग्य और बारहवें भाव पर जा रही है। धनु राशि के जातक पिछले साढ़े सात साल की साढ़ेसाती में थे इसलिए अब आपको शनि देव की असीम कृपा मिलने वाली है। आपको अब अपने भाग्य और गुरु का सहयोग मिलने वाला है। आपका साहस और पराक्रम बढ़ा हुआ रहने वाला है। आपको इस गोचर के फलस्वरूप विदेशों से धन लाभ होगा। सरकारी नौकरी में आपको सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है। अब आपके कुटुंब और भाइयों के साथ संबंध अच्छे होंगे। काम के सिलसिले में की गई यात्राएं सफल होगी। शनि देव की कृपा से संतान प्राप्ति,नए काम की शुरुआत और शेयर मार्केट से धन लाभ जैसे शुभ फल प्राप्त होंगे। उच्च शिक्षा प्राप्त करने की दिशा में आ रही कठिनाई दूर होगी।

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मकर राशि - इस राशि के जातकों के लिए लग्नेश और धन भाव के स्वामी होते हैं। शनि अब आपके धन स्थान में गोचर करेंगे। इस राशि के जातकों के लिए अब शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू हो गया है जोकि अच्छा फल देने वाला कहा गया है। शनि की दृष्टि आपके चौथे भाव,अष्टम भाव,एकादश भाव पर जा रही है। धन भाव में शनि का गोचर एक से अधिक आय के स्तोत्र शुरू कर सकता है। इस समय आपको नया काम शुरू करने के लिए अपने परिवार का सहयोग भी मिल सकता है। गुप्त विद्या और ज्योतिष सीख रहे जातक अब शनि की कृपा से सफल होंगे। आपको इस समय गुप्त रूप से मदद मिल सकती है। शनि का यह गोचर आपको थोड़ा मानसिक कष्ट भी दे सकता है। राहु पर शनि की दृष्टि आपके काम में थोड़ी देरी कर सकती है इसलिए आपको क्रोध से बचकर रहना है। व्यापारी वर्ग को इस समय शनि की कृपा से बढ़िया मुनाफा होगा। 

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कुंभ राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि द्वादश और लग्न भाव के स्वामी होते हैं। शनि अब आपके लग्न में ही गोचर करने वाले है। कुंभ राशि के जातक वर्तमान में शनि की साढ़ेसाती के मध्य चरण में है। शनि की दृष्टि आपके तीसरे यानी पराक्रम भाव,सातवें यानी पत्नी के भाव और दशम भाव यानी कर्म भाव पर जा रही है। शनि के इस गोचर के कारण आपके साहस में वृद्धि होगी हालांकि आपको मेहनत बहुत अधिक करनी होगी। इस समय विवाह की राह देख रहे जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। साझेदारी के काम में मुनाफा मिलने की उम्मीद है। भाई बहनों से अगर मनमुटाव था तो अब वो खत्म होने के आसार है। कार्य स्थल पर आपको सफलता के लिए अभी काफी काम करना होगा। अगर राजनीति से जुड़े है तो इस समय सीखकर आगे बढ़ने का समय है। शनि का यह गोचर आपके अंदर छिपी हुई शक्ति से आपको जोड़ेगा। अगर वर्तमान से लक्ष्य बनाकर चलेंगे तो अवश्य शनि देव आपको सफल करेंगे। 
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मीन राशि - इस राशि के जातकों के लिए ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी होते हैं। शनि 17 जनवरी के आपके व्यय भाव में ही गोचर करने वाले हैं। शनि के इस संचरण से मीन राशि के जातक अब शनि की साढ़े साती के पहले चरण में प्रवेश कर चुके हैं। शनि की दृष्टि आपके दूसरे,छठे और नवें भाव पर होगी।  शनि के इस गोचर से आपकी व्यर्थ की यात्राएं होगी और धन खर्च होगी। किसी पुराने कोर्ट केस के कारण अदालती मामलों में उलझ सकते है। किसी की ओर से आपके ऊपर बड़ा आरोप भी लगाया जा सकता है। अधिक धन खर्च के कारण धन की कमी महसूस होगी। परिवार में किसी नए विवाद का जन्म हो सकता है। इस समय आपको थकान महसूस हो सकती है। किसी पुरानी बीमारी से परेशान हो सकते है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को इस गोचर काल के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।
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