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Shani Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती के इस चरण में होती है व्यक्ति को सबसे ज्यादा परेशानी

Tue, 11 Jul 2023 12:00 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

शनि की साढ़ेसाती करीब साढ़े सात साल तक चलती है। जिसमें से यह 3 चरणों से होकर गुजरती है और हर एक का प्रभाव जातकों के जीवन पर अलग-अलग होता है।
 
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Shani Dev - फोटो : अमर उजाला
Shani Sade Sati: शनि ग्रह को सभी ग्रहों में सबसे क्रूर ग्रह और मंद गति से चलने वाला ग्रह माना गया है। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि इस समय कुंभ राशि में हैं और फिर दोबारा से इस राशि में आने के लिए इन्हे करीब 30 वर्षों का समय लेंगे। किसी भी राशि के ऊपर जब शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा लगती है तो जातक को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती करीब साढ़े सात साल तक चलती है। जिसमें से यह 3 चरणों से होकर गुजरती है और हर एक का प्रभाव जातकों के जीवन पर अलग-अलग होता है।
 
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Shani Dev - फोटो : istock
साल 2023 में शनि की साढ़ेसाती
शनि बहुत ही धीमी चाल से चलने वाले ग्रह होते हैं। इस कारण से इनका प्रभाव जातकों के ऊपर काफी समय तक रहता है। शनि एक से दूसरी राशि में ढाई वर्षों के बाद परिवर्तन करते हैं। शनि इस समय अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं। इस तरह से मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। शनि की साढ़ेसाती 3 चरणों में चलती है। मकर राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण, कुंभ राशि पर दूसरा चरण और मीन राशि के जातकों के ऊपर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। 

Shani Sade Sati: व्यक्ति के जीवन में कब और कितनी बार आती है शनि की साढ़ेसाती
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Shani Dev - फोटो : istock
साढ़ेसाती का पहला चरण
वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक जब शनि जन्म के चंद्रमा से 12वें भाव में प्रवेश करता है तो साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होता है। शनि का प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है। शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण प्रभावी होने पर जातकों को संपत्ति संबंधित कई तरह के वाद-विवादों का सामना करना पड़ता है। जीवन में धन से जुड़ी हुई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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शनिदेव - फोटो : अमर उजाला
शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे ज्यादा पीड़ा पहुंचाने वाला और कष्टकारी माना गया है। जब शनि 12वें भाव से पहले घर में आता है तो साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो जाता है। साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होने पर व्यक्ति को धन से संबंधी तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति को गंभीर बीमारियों भी लग जाताी है जिसे से व्यक्ति परेशानियों से घिर जाता है। बेवजह के वाद-विवाद शुरू हो जाते हैं।
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shani dev
शनि साढ़ेसाती का तीसरा चरण
जब शनि मूल चंद्र भाव से दूसरे भाव में प्रवेश करता है तो साढ़ेसाती का तीसरा चरण शुरू हो जाता है। शनि की साढ़ेसाती के तीसरे चरण को उतरती हुई साढ़ेसाती के नाम से भी जाना जाता है। तीसरा चरण पहले दो के मुकाबले थोड़ी राहत देने वाली होती है। इसमें व्यक्ति को कुछ छोटी-मोटी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

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