Shani Margi 2022: ज्योतिषशास्त्र में शनि ग्रह को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि सभी 9 ग्रहों में सबसे मंदगति से चलने वाले ग्रह होते हैं। यह किसी एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि के धीमी गति से चलने के कारण इनका प्रभाव जातकों के ऊपर काफी देर तक रहता है। राशि परिवर्तन के अलावा शनिदेव समय-समय पर वक्री और मार्गी भी होते रहते हैं। शनिदेव अभी मकर राशि में वक्री स्थिति में हैं जो अक्टूबर में मार्गी होने जा रहे हैं। शनिदेव के मकर राशि में मार्गी होने से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।