वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस समय शनिदेव मीन राशि में वक्री अवस्था में स्थित हैं, जबकि छाया ग्रह केतु सिंह राशि में विराजमान हैं। दोनों ग्रहों की स्थिति के कारण इनके बीच षडाष्टक योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष में जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव की स्थिति में होते हैं, तब षडाष्टक योग बनता है। यह योग शनि और केतु के बीच बना हुआ है और इसका प्रभाव 25 नवंबर तक रहने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होता। कुछ राशियों के लिए यह समय चुनौतियां लेकर आ सकता है, जबकि कुछ जातकों को करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। तुला और मकर समेत 5 राशियों के लिए शनि-केतु का यह योग विशेष रूप से लाभकारी रहने की संभावना है। आइए जानते हैं किन राशियों को इसका फायदा मिल सकता है।