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शनि जयंती 2020: मिथुन राशि पर शनिदेव कितना मेहरबान, जानें साढ़ेसाती और ढैय्या का असर

Fri, 22 May 2020 03:12 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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22 मई शुक्रवार को शनि जयंती है। ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इसी दिन भगवान शनि का जन्म हुआ था। इससे पहले शनि 11 मई को मकर राशि में वक्री हो चुके हैं, जो 29 सितंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। वक्री को उल्टी चाल भी कहते हैं। जबकि 24 जनवरी 2020 को शनि 30 वर्षों के बाद स्वयं की राशि में प्रवेश किया था। ऐसे में शनि जयंती से लेकर साल 2020 के आखिरी महीने तक शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव मिथुन राशि के जातकों पर कितना और कब तक रहेगा? आइए जानते हैं।
शनि जयंती के शुभ अवसर पर कोकिलावन शनि धाम में चढ़ाएं 11 किलों तेल और पाएं अष्टम शनि ,शनि की ढैय्या एवं साढ़े - साती के प्रकोप से छुटकारा
 
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शनि - फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि पर शनि की ढैय्या
इस समय मिथुन राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है।
22 मई को शनि जयंती, उससे पहले जानें कहीं शनि आपकी राशि के लिए घातक तो नहीं !
 
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शनि का असर
शनि के 24 जनवरी 2020 को धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद से शनि आपकी राशि के आठवें भाव में है। ज्योतिष के अनुसार आठवां भाव कर्म का होता है। आपको नौकरी या बिजनेस में रुकावटे आ सकती हैं जिसकी वजह से आप परेशानियों में घिरे पाएंगे। शनि की ढैय्या के प्रभाव से आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। 
 
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साढ़ेसाती- 8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक

ढैय्या-      24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक
             22 अक्टूबर 2038 से 29 जनवरी 2041 तक



 
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