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शनि जयंती 2020: मेष राशि पर शनिदेव कितना मेहरबान, जानें साढ़ेसाती और ढैय्या का असर

Mon, 18 May 2020 09:06 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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shani jayanti 2020
ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इसी दिन भगवान शनि का जन्म हुआ था। इससे पहले शनि 11 मई को मकर राशि में वक्री हो चुके हैं, जो 29 सितंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। वक्री को उल्टी चाल भी कहते हैं। जबकि 24 जनवरी 2020 को शनि 30 वर्षों के बाद स्वयं की राशि में प्रवेश किया था। ऐसे में शनि जयंती से लेकर साल 2020 के आखिरी महीने तक शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव मेष राशि के जातकों पर कितना और कब तक रहेगा? आइए जानते हैं।

शनि जयंती के शुभ अवसर पर कोकिलावन शनि धाम में चढ़ाएं 11 किलों तेल और पाएं अष्टम शनि ,शनि की ढैय्या एवं साढ़े - साती के प्रकोप से छुटकारा
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मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती
इस साल मेष राशि वालों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का कोई प्रभाव नहीं होगा।
22 मई को शनि जयंती, उससे पहले जानें कहीं शनि आपकी राशि के लिए घातक तो नहीं !
 
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शनि 2020
मौजूदा समय पर शनि मेष राशि में दसवें घर में गोचर है। दशम भाव कर्म का भाव हैं और शनि भी कर्म का स्वामी हैं। आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। साल के अंत तक कुछ नया कार्य आरंभ कर सकते हैं।

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shani dev
वक्री शनि का मेष राशि पर असर
11 मई को शनि का वक्री होना आपके लिए शुभ नहीं होगा। आपके काम में रुकावट आ सकती हैं। जिस लाभ की आशा कर रहे थे वह भी समय से नही मिल पायेगा। माता-पिता का सहयोग पूर्ण रुप से बना रहेगा। आपके अंदर उत्साह की कोई कमी नही रहेगी।
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shani transit 2020
साल 2050 तक साढ़ेसाती और ढैय्या का गणित

मेष राशि

साढ़ेसाती- 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक

ढय्या-      13 जुलाई 2034 से 27 अगस्त 2036 तक
              12 दिसंबर 2043 से 8 दिसंबर 2046 तक
 
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