महान ग्रह शनि देव 29 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर मकर राशि की यात्रा समाप्त करके कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। अपनी इस यात्रा के मध्य ये 4 जून को रात्रि 3 बजकर 12 मिनट पर वक्री होंगे और 12 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर पुनः मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ धनु राशि की साढ़ेसाती कुछ दिनों के लिए समाप्त हो जाएगी और मीन राशि के लिए साढ़ेसाती का आरंभ हो जाएगा। अपनी ही राशि में गोचर करते हुए शनि देव बहुत ज्यादा दुष्प्रभावी नहीं रहेंगे किंतु यदि आपके कर्म अच्छे नहीं है तो फिर ये छोड़ेंगे भी नहीं। इनके राशि परिवर्तन का अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।