इन राशियों पर शनि देव अपना क्रोध बरसाने वाले हैं। कुछ सरल उपायों को करने से इन राशियों के जातक शनिदेव की उग्र नजरों से बच सकते हैं।
विज्ञापन
2 of 8
शनि पूजन
ज्योतिषाचार्य पंडित संतराम के अनुसार, 18 अप्रैल की सुबह से 06 सितंबर 2018 की शाम तक शनिदेव धनु राशि में वक्री हो रहे हैं। ऐसे में हर राशि पर इसका प्रभाव पड़ेगा। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय करेंगे तो आपकी राशि पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। शनि की वक्री चाल का बुरा प्रभाव वृश्चिक, धनु और मकर पर पड़ेगा। उपाय आगे की स्लाइड में बताए गए हैं।
विज्ञापन
3 of 8
प्रात:काल 7:14 बजे से वक्री होंगे शनि
सूर्योदय से पहले पीपल की पूजा करें और पीपल के पेड़ पर तेल में लोहे की कील डालकर चढ़ाएं।
4 of 8
शनि के वक्री काल का प्रभाव देश पर गहरा पड़ेगा
रविवार को छोड़कर शनिदेव की मूर्ति पर 43 दिन तक लगातार तेल चढांए। इससे शनिदेव प्रसन्न होंगे।
विज्ञापन
5 of 8
6 सितंबर 2018 तक वक्रत्व काल रहेगा
शनिवार के दिन व्रत जरुर रखें और काली गाय को उड़द ,तेल, तिल या ब्रह्माणों को काला कंबल दान करें।
विज्ञापन
6 of 8
जनमानस के लिए लाभकारी होगा
हर शनिवार बंदरों और कुतों को गुड़ और काले चने खिलाएं। साथ ही शनिदेव पर भी तेल के साथ काले तिल आर्पित करें।
विज्ञापन
7 of 8
18 अप्रैल को प्रात:काल 7:14 बजे से वक्री होंगे
शनिवार को काले चमड़े के जूते पहनें। साथ ही काले रंग के कपड़े भी पहनें। इससे शनिदेव पसन्न होते हैं।