Shani Budh Auspisious Yog: ज्योतिष में शनि को सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाला और शक्तिशाली ग्रह माना जाता है। शनिदेव जातकों को कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल माना जाता है। शनिदेव एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। इस तरह के उनको राशिचक्र का पूरा चक्कर लगाने में लगभग 30 साल का समय लगता है। शनिदेव अभी गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन में हैं, ऐसे में समय के अनुसार शनि की दूसरे ग्रहों के साथ युति संबंब बनाते हैं। ऐसे में शनि और बुध ग्रह का संयोग बनने वाला होगा, जिस कारण से अर्धकेंद्र योग का निर्माण हो रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 28 जनवरी को शाम 5 बजकर 05 मिनट पर शनि-बुध एक दूसरे के 45 अंश पर होंगे। ऐसे में आइए जानते हैं इस योग से किन-किन राशि वालों को मिलेगा फायदा।