Shadashtak Yog 2024: ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रह माने जाते हैं, जिनमें सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि और राहु-केतु का नाम शामिल है। यह सभी अपने-अपने प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। ज्योतिष में जहां सूर्य को राजा और चंद्रमा को रानी का स्थान प्राप्त है, वहीं मंगल को ग्रहों का सेनापति कहते हैं। कुंडली में इनकी स्थिति मजबूत होने पर जातक कोहर क्षेत्र में सफलता हासिल होती हैं।
वहीं शनि देव को न्यायकर्ता माना जाता है। वह साधक को कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। बात शनि की स्थिति की करें तो वह कुंभ राशि में विराजमान है। पंचांग के अनुसार मंगल 7 दिसंबर 2024 को कर्क राशि में वक्री हो जाएंगे। वह 21 जनवरी 2025 तक भी इसी अवस्था में रहेंगे। ऐसे में मंगल और शनि एक-दूसरे से छठे और 8 वें भाव में रहेंगे, जिससे षडाष्टक योग का निर्माण होगा। यह योग कुछ राशियों के लिए लाभकारी हो सकता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।