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सात ग्रहों की चाल में बदलाव, जानिए किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए अशुभ

Sun, 06 Sep 2020 06:07 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका
सितंबर का महीना ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। सितंबर के महीने में कई ग्रहों की चाल बदलने वाली है। इस महीने में सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, राहु-केतु और शनि की चाल में बदलाव होगा। इनमें से सूर्य, बुध, शुक्र और राहु-केतु  एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि मंगल वक्री होंगे। गुरु और शनि की चाल वक्री से मार्गी में बदल जाएगी। एक महीने में इतने ग्रहों का परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में 9 ग्रहों की चाल में परिवर्तन का सभी राशियों पर इसका व्यापक पड़ेगा।
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sun transit 2020
सूर्य का राशि परिवर्तन
इस महीने के 17 सितंबर को सूर्य सिंह राशि को छोडकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पर यह 17 अक्टूबर तक इसी राशि में भ्रमण करेंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य एक महीने में अपनी राशि बदलते हैं। कुंडली में सूर्य के मजबूत होने पर व्यक्ति को मान-सम्मान, यश और तरक्की मिलती है। 

शुभ प्रभाव- मेष, कर्क और धनु
अशुभ प्रभाव- वृष, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक 
मिला जुला प्रभाव- मकर, कुंभ और मीन
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mars transit 2020
मंगल होगा वक्री
अत्यंत साहसी और पराक्रमी ग्रह पृथ्वी पुत्र मंगल 10 सितंबर की सुबह 3 बजकर 50 मिनट पर वक्री होंगे और 4 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 05 मिनट पर वापस मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे पुनः मंगल 14 नवंबर को मार्गी होंगे।

शुभ प्रभाव- कुंभ, मीन और वृश्चिक 
अशुभ प्रभाव- कर्क , सिंह, कन्या और तुला
मिलाजुला प्रभाव- मेष, वृष, मिथुन, मकर और धनु


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mercury transit
बुध का राशि परिवर्तन
3 सितंबर को बुध ग्रह ने कन्या राशि में प्रवेश किया है फिर इसके बाद 22 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। बुध के राशि परिवर्तन का प्रभाव युवाओं, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। बुध चंद्रमा को अपने शत्रु मानते हैं किंतु चंद्रमा बुध को अपना मित्र मानते हैं। तभी इन दोनों के परस्पर विरोधाभासी प्रभाव दिखते रहते है। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी होते हैं। मीन राशि में नीच राशिगत और कन्या राशि में उच्च राशिगत में कहे गए हैं। 

शुभ प्रभाव- मेष, कर्क, सिंह और कुंभ
अशुभ प्रभाव- वृष, मिथुन, कन्या, तुला और वृश्चिक
मिलाजुला प्रभाव- मकर, धनु और मीन
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गुरु ग्रह
गुरु होंगे मार्गी
13 सितंबर 2020 से गुरु धनु राशि में मार्गी हो रहे हैं जहां पर यह 20 नवंबर तक रहेंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीचराशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देता है

शुभ प्रभाव- मेष, मिथुन और वृश्चिक
अशुभ प्रभाव- वृष, कर्क, कन्या और तुला
मिला जुला प्रभाव- सिंह, धनु, मकर, कुंभ और मीन
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venus transit
शुक्र का राशि परिवर्तन
सुख और वैभव का कारक ग्रह शुक्र 27 सितंबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे जहां पर यह 23 अक्टूबर तक रहेंगे। शुक्र वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी हैं। कन्या राशि में नीचराशिगत तथा मीन राशि में उच्च राशिगत होते हैं। कुंडली में शुक्र के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को सभी तरह की सुख-सुविधाएं और भोग विलास से संबंधित चीजें प्राप्त होती है।

शुभ प्रभाव-  सिंह, कन्या, तुला, धनु और मकर
अशुभ प्रभाव- कुंभ, मीन और वृश्चिक
मिलाजुला प्रभाव- मेष, वृष, मिथुन और कर्क
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मकर राशि में शनि
शनि की चाल में होगा बदलाव
ज्योतिष शास्त्र में शनि की विशेष भूमिका होती है। शनि 29 सितंबर को मकर राशि में मार्गी होंगे। इसके पहले शनि 11 मई को वक्री हुए थे। 29 सितंबर के बाद शनि एक बार फिर से मार्गी हो जाएंगे। जब-जब शनि अपना स्थान परिवर्तन करते हैं तब-तब कई राशियों के जातकों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। शनि के एक राशि में ढाई साल तक समय बिताने के लिहाज से सभी 12 राशियों का एक चक्कर लगाने में लगभग 30 साल का समय लगता है। जैसे कि इस समय शनि मकर राशि में गोचर है अब दोबारा मकर राशि में आने के लिए शनि को 30 वर्षों का समय लगेगा।

शुभ प्रभाव- कर्क, कन्या, वृश्चिक और सिंह
अशुभ प्रभाव- मेष, वृष, मिथुन, तुला और धनु
मिलाजुला प्रभाव- मकर, कुंभ और मीन

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राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2020
राहु का राशि परिवर्तन
23 सितंबर को राहु 18 महीने के बाद अपनी राशि बदलने वाले हैं । राहु की चाल में बदलाव काफी अहम होता है। लगभग 18 महीने के बाद राहु मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां ये अप्रैल 2022 तक विराजमान रहेंगे उसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 

शुभ प्रभाव- कर्क, सिंह, मीन और धनु
अशुभ प्रभाव- मेष, वृष, मिथुन और  कन्या
मिला जुला प्रभाव- तुला, वृश्चिक, मकर और कुंभ
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rahu
केतु का राशि परिवर्तन
केतु को रहस्यमयी कांति कथा गौरवशाली ज्योति किरण कहा गया है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में केतु जिस भाव में रहते हैं उस ग्रह के स्वामी के अनुसार फल देते हैं अथवा जिस ग्रह के साथ रहते हैं उस ग्रह के प्रभाव में वृद्धि करते हैं। यदि ग्रह शुभ हैं तो शुभता में और ग्रह अशुभ है तो अशुभता में वृद्धि करेंगे।

शुभ प्रभाव- तुला, सिंह, मिथुन और तुला
अशुभ प्रभाव- मेष, वृष, कर्क, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन

 
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