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Sawan 2026: सावन माह में भूलकर भी न करें ये वर्जित कार्य, जानें खान-पान से लेकर दिनचर्या से जुड़े नियम

Sun, 02 Aug 2026 01:17 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Sawan 2026: सावन में पूजा-पाठ के साथ-साथ आचरण की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान कुछ कार्यों से परहेज करना चाहिए, अन्यथा पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।
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Sawan 2026 - फोटो : AI
Sawan 2026 Dos and Don'ts: आज से सावन का पावन महीना आरंभ हो रहा है, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूरे मास में भगवान शिव और माता पार्वती धरती पर विराजमान रहते हैं और श्रद्धा से की गई पूजा को स्वीकार कर भक्तों की इच्छाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि सावन में पूजा-पाठ के साथ-साथ आचरण की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान कुछ कार्यों से परहेज करना चाहिए, अन्यथा पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।

खान-पान से जुड़ी बातें
सबसे पहले खान-पान से जुड़ी बात करें तो सावन में तामसिक आहार से दूरी बनाना जरूरी माना गया है। लहसुन, प्याज, मांसाहार और अंडे जैसी चीजें इस अवधि में त्याग देनी चाहिए। इसके साथ ही शराब या किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करना भी वर्जित है। सात्विक भोजन और संयमित जीवनशैली अपनाने से मन और शरीर दोनों शुद्ध रहते हैं, जिससे भक्ति का प्रभाव बढ़ता है।
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शिवलिंग पर क्या अर्पित न करें?  - फोटो : adobe stock
शिवलिंग पर क्या अर्पित न करें? 
शिवलिंग पर अर्पित की जाने वाली वस्तुओं को लेकर भी कुछ नियम बताए गए हैं। हल्दी और कुमकुम को शिव पूजा में नहीं चढ़ाया जाता, क्योंकि इन्हें स्त्री-श्रृंगार से जुड़ा माना जाता है। तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर अर्पित नहीं किए जाते, जबकि केतकी का फूल भगवान शिव को प्रिय नहीं माना गया है। इसके अलावा, बेलपत्र अर्पित करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साबुत और साफ हो, कटे-फटे पत्ते चढ़ाना उचित नहीं है।
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दूध अर्पित करने का नियम - फोटो : adobe stock
दूध अर्पित करने का नियम
दूध चढ़ाते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। शिवलिंग पर दूध अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन इसे तांबे के बर्तन में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे दूध की प्रकृति बदल सकती है। दूध चढ़ाने के लिए स्टील, चांदी या पीतल के पात्र का उपयोग करना बेहतर माना जाता है, जबकि तांबे के बर्तन से केवल जल ही अर्पित करना चाहिए।

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सावन में दिनचर्या से जुड़े नियम - फोटो : adobe stock
सावन में दिनचर्या से जुड़े नियम
सावन में दिनचर्या से जुड़े कुछ नियम भी बताए गए हैं। इस दौरान शरीर पर तेल लगाना, बाल कटवाना या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। विशेष रूप से रविवार को तेल मालिश से बचना चाहिए। साथ ही दिन में अधिक सोने से भी बचना चाहिए और उस समय का उपयोग भगवान शिव के मंत्रों के जप या ध्यान में करना चाहिए।
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सावन में दिनचर्या से जुड़े नियम - फोटो : adobe stock
व्यवहार की दृष्टि से भी सावन आत्मसंयम का समय है। किसी भी जीव-जंतु को कष्ट देना या उनका अपमान करना अनुचित माना गया है। खासतौर पर सर्प और बैल, जो शिव से जुड़े माने जाते हैं, उनके प्रति अहिंसा का भाव रखना चाहिए। इसके अलावा, कटु वचन बोलना, क्रोध करना या किसी की निंदा करना भी इस महीने में त्याग देना चाहिए।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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