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Ram Mandir Flag Hoisting: अयोध्या के राम मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण, जानें क्या है इसका ग्रहों-नक्षत्रों से संबंध

Thu, 20 Nov 2025 10:49 AM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony Astrology Connection: भगवान राम की नगरी अयोध्या में 25 नवंबर 2025 को ध्वजारोहण का शुभ कार्यक्रम होने जा रहा है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना करेंगे।
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Ram Mandir Flag Hoisting - फोटो : अमर उजाला
Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony Astrology Connection: भगवान राम की नगरी अयोध्या में 25 नवंबर 2025 को ध्वजारोहण का शुभ कार्यक्रम होने जा रहा है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना करेंगे। यह ध्वजारोहण कार्य की पूर्णता के साथ-साथ राम भक्तों की आस्था का भी प्रतीक है। दिन के सबसे शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त में ध्वजारोहण का कार्य संपन्न किया जाएगा।
 
खास बात यह है कि यह आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को हो रहा है, जिस तिथि पर भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था, इसलिए यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से अत्यंत शुभ है।
 
दरअसल, अभिजीत मुहूर्त में होने वाला ध्वजारोहण ग्रहों के राजा सूर्य और छाया ग्रह केतु की संयुक्त ऊर्जा से जुड़ा है। सूर्य और केतु ध्वज के कारक ग्रह हैं। एक तरह केतु को फहराता हुआ ध्वज कहा गया है। केतु का अर्थ भी है शिखर। खास बात यह है कि केतु इस समय सिंह राशि में यानी की सूर्य की राशि में विराजमान है। यह धर्म ध्वज पताका फहराने की तरह है। 
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राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना का संबंध सीधे तौर पर सूर्य और छाया से जुड़ा है। - फोटो : adobe stock
क्या है राम मंदिर ध्वजारोहण का ज्योतिष कनेक्शन
राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना का संबंध सीधे तौर पर सूर्य और छाया से जुड़ा है। दरअसल, केतु ध्वज के कारक ग्रह हैं, इसलिए ज्योतिष में उन्हें "ध्वज ग्रह" भी कहा गया है। मंदिर के शिखर पर लहराता हुआ ध्वज केतु की आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, जिससे सभी ग्रह दोषों शांत होते हैं। साथ ही उस स्थान की सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती हैं और आसपास खुशियां वास करती हैं।
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ग्रहों के राजा सूर्य का संबंध भगवान राम से जुड़ा हुआ है। चूंकि भगवान श्रीराम का जन्म सूर्यवंश में हुआ है। उनके व्यक्तित्व में सूर्य के गुण- तेज, आत्मविश्वास, मान-सम्मान और तपस्या स्पष्ट दिखाई देते हैं। - फोटो : adobe stock
ग्रहों के राजा सूर्य का संबंध भगवान राम से जुड़ा हुआ है। चूंकि भगवान श्रीराम का जन्म सूर्यवंश में हुआ है। उनके व्यक्तित्व में सूर्य के गुण- तेज,आत्मविश्वास, मान-सम्मान और तपस्या स्पष्ट दिखाई देती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, उनकी कुंडली में भी सूर्य उच्च राशि में स्थित था। संयोग की बात यह है कि आज जब राम नगरी अयोध्या में ध्वजारोहण होने जा रहा हैं, तब का ध्वज कारक केतु स्वयं भगवान राम के कारक सूर्य की राशि सिंह में विराजमान है।

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केसरिया ध्वज पर बनें सूर्य स्वयं श्रीराम के सूर्यवंश का प्रतीक भी हैं। - फोटो : Adobe
यही नहीं राम मंदिर में स्थापित होने वाला ध्वज केसरिया रंग का है और इस पर भगवान सूर्यदेव विराजमान हैं। केसरिया ध्वज पर बनें सूर्य स्वयं श्रीराम के सूर्यवंश का प्रतीक भी हैं। इसलिए सूर्य के अद्भुत संयोग में यह ध्वजारोहण का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
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Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony Astrology - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
शुभ मुहूर्त 
तिथि पंचमी  22:57 तक
नक्षत्र उत्तराषाढा  23:57 तक
प्रथम करण बव  10:13 तक
द्वितीय करण  बालव  22:57  तक
योग गण्ड  12:49 तक
सूर्योदय 06:52  
सूर्यास्त 17:23  
चंद्रमा  मकर  
मास मार्गशीर्ष  
शुभ मुहूर्त अभिजीत 11:47-12:29
 

 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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