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Raksha Bandhan 2025: वास्तु के अनुसार बांधें भाई को राखी, रिश्तों में बढ़ेगा प्रेम और विश्वास

Sat, 09 Aug 2025 05:56 AM IST
मेघा कुमारी शैली प्रकाश, ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Raksha Bandhan 2025 Vastu Tips: राखी बांधते समय सभी लोग शुभ मुहूर्त तो देखते हैं परंतु वास्तु के अनुसार राखी बांधने का ध्यान कम लोग ही रखते होंगे। 
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रक्षाबंधन के दिन इस बार वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बांधें अपने भाई को राखी। - फोटो : Adobe stock
Raksha Bandhan 2025 Vastu Tips: राखी बांधते समय सभी लोग शुभ मुहूर्त तो देखते हैं परंतु वास्तु के अनुसार राखी बांधने का ध्यान कम लोग ही रखते होंगे। रक्षाबंधन के दिन इस बार वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बांधें अपने भाई को राखी। इससे शुभ एवं मंगल होने के साथ ही सकारात्मक भाव का संचार भी होगा। पहले से ही राखी बांधने की संपूर्ण तैयारी करके रख लें।
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पांच वस्तुओं से रक्षासूत्र का निर्माण किया जाता है। इनमें दूर्वा (घास), अक्षत (चावल), केसर, चंदन और सरसों के दाने शामिल हैं। - फोटो : Freepik
राखी का चयन
वैदिक राखी: पांच वस्तुओं से रक्षासूत्र का निर्माण किया जाता है। इनमें दूर्वा (घास), अक्षत (चावल), केसर, चंदन और सरसों के दाने शामिल हैं। इन पांच वस्तुओं को रेशम के कपड़े में बांध दें या सिलाई कर दें, फिर उसे कलावे में पिरो दें। इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाएगी। वास्तु अनुसार राखी प्राकृतिक चीजों से बनी हो या वैदिक राखी बांधें। पुरानी राखी न बांधें।
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यदि राशि अनुसार राखी नहीं मिल रही है तो वास्तु के अनुसार लाल, पीले और नारंगी रंग की राखी बांधना चाहिए। - फोटो : Freepik
राशि के अनुसार राखी
मेष राशि के लिए लाल या नारंगी रंग, वृषभ राशि के लिए सफेद, गुलाबी या हल्के नीले रंग, मिथुन राशि के लिए हरा रंग, कर्क राशि के लिए सफेद रंग, सिंह राशि के लिए सुनहरे, पीले या केसरिया रंग, कन्या राशि के लिए गहरे हरे या भूरे रंग, तुला राशि के लिए गुलाबी, हल्का नीला या सफेद रंग, वृश्चिक राशि के लिए लाल, नारंगी या मैरून रंग, धनु राशि के लिए पीले या सुनहरे रंग, मकर राशि के लिए गहरे नीले, भूरे या काले, कुंभ राशि के लिए नीले या बैंगनी रंग और मीन राशि के लिए पीले या नारंगी रंग की राखी का चयन करें।

यदि राशि अनुसार राखी नहीं मिल रही है तो वास्तु के अनुसार लाल, पीले और नारंगी रंग की राखी बांधना चाहिए। डार्क नीले, जामुनी, काले या कत्थई रंग की राखी न बांधें।

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राखी बांधते समय उचित दिशा और स्थान का ज्ञान होना जरूरी है। राखी बांधने के लिए घर के ईशान, पूर्व या उत्तर दिशा का चयन करें जो शुद्ध और पवित्र हो। - फोटो : adobe stock
दिशा का चयन
राखी बांधते समय उचित दिशा और स्थान का ज्ञान होना जरूरी है। राखी बांधने के लिए घर के ईशान, पूर्व या उत्तर दिशा का चयन करें जो शुद्ध और पवित्र हो। यदि बहन अपने भाई को राखी बांध रही है तो बहन को पश्चिम में मुख करके राखी बांधना चाहिए। मतलब यह भी भाई का मुख पूर्व में होना चाहिए।
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भाई को लकड़ी के पाट पर बैठाकर बहन को कुश के आसन पर बैठना चाहिए। - फोटो : Adobe stock
उचित आसन
भाई को लकड़ी के पाट पर बैठाकर बहन को कुश के आसन पर बैठना चाहिए। दोनों के आसनों में इतनी स्पेस होना चाहिए कि वहां पर आसानी से राखी की थाली आदि सामान रखा जा सके। यदि आसन कुश का न हो तो सूत की दरी का उपयोग कर सकते हैं। प्लास्टिक की चटाई या कपड़े के आसन का उपयोग न करें।
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राखी बांधते समय अपने घर की खिड़कियां खोलकर रखें ताकि खुशनूमा वातावरण बना रहे और घर में सकारात्मक का प्रवेश हो - फोटो : instagram
सफाई, हवा और प्रकाश
राखी बांधने से पहले घर की अच्छे से सफाई करके सुगंधित वातारवण के लिए चंदन या गुग्गल की धूप जला दें। राखी बांधते समय अपने घर की खिड़कियां खोलकर रखें ताकि खुशनूमा वातावरण बना रहे और घर में सकारात्मक का प्रवेश हो। जरूरी है कि घर में पर्याप्त प्रकाश और हवा का आगमन होता रहे।
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Raksha Bandhan 2025 - फोटो : adobe stock
तिलक लगाने का नियम
अनामिका शांतिदा प्रोक्ता मध्यमायुष्करी भवेत्।
अंगुष्ठः पुष्टिदः प्रोक्ता तर्जनी मोक्षदायिनी।।- स्कंदपुराण

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राखी बांधने से पहले बहन अपने भाई के माथे पर रोली और अक्षत का तिलक लगाए। - फोटो : adobe stock
राखी बांधने से पहले बहन अपने भाई के माथे पर रोली और अक्षत का तिलक लगाए। अक्षत हमेशा साबुत होने चाहिए, टूटे हुए नहीं। ध्यान रहे कि भाई को तिलक लगाते समय दाहिए हाथ की अनामिका अंगुली का प्रयोग करें। अनामिका का प्रयोग मंगल कामना और देवताओं के लिए, कनिष्ठा अंगुली का प्रयोग शुभ कार्यों के लिए, मध्यमा का प्रयोग खुद को तिलक लगाने के लिए, तर्जनी का प्रयोग मृत व्यक्ति के लिए और अंगूठे का प्रयोग विजय की कामना से जा रहे व्यक्ति के लिए करते हैं। तिलक लगाते और राखी बांधते समय भाई और बहन को सिर ढककर रखना चाहिए।

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राखी बांधते वक्त काले, नीले, कत्थई या सफेद वस्त्र न पहनें। गुलाबी, पीले या नारंगी वस्त्र पहन सकते हैं। नए वस्त्र न हो तो साफ सुथरे वस्त्र पहनें। - फोटो : Amar Ujala
राखी बांधने के अन्य नियम
  • राखी बांधते वक्त काले, नीले, कत्थई या सफेद वस्त्र न पहनें। गुलाबी, पीले या नारंगी वस्त्र पहन सकते हैं। नए वस्त्र न हो तो साफ सुथरे वस्त्र पहनें।
  • बहन भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधे। यह हाथ कर्म और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
  • राखी बांधने के पहले भाई के सीधे हाथ में नारियल रखें। नारियल के ऊपर 1 रुपए का सिक्का रखें।
  • भाई अपने हाथ में दक्षिणा या फिर चावल लेकर मुट्ठी बांध लें इसके बाद ही राखी बंधवाएं।
  • राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना बेहद शुभ माना जाता है।
  • राखी बांधने के बाद बहन अपने भाई को मिठाई खिलाएं और आरती उतारें।
  • भाई अपनी बहन के पैछ छुकर उसे दक्षिणा दें और उनकी रक्षा का वादा करें। बहन भी भाई को आशीर्वाद दें।
  • इसके बाद, भाई अपनी बहन को उपहार, वस्त्र या धन भेंट करें।
  • भाई अपनी बहनों को भूलकर भी नुकीली और कांटे वाली चीजें गिफ्ट में न दें।
  • भद्राकाल और राहु काल सहित किसी भी अशुभ मुहूर्त में राखी न बांधें।

 
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Raksha Bandhan 2025 - फोटो : Freepik
उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के बाद कम से कम 21 दिनों तक हमें राखी को अपनी कलाई पर बांधें रखना चाहिए। यदि ऐसा नहीं कर सकते हैं तो कम से कम जन्माष्टमी तक पहन कर रखें। इसके बाद राखी को निकालकर उचित स्थान पर रख सकते हैं। फिर अगले साल जब रक्षाबंधन का त्योहार आए तो इस राखी को जल में प्रवाहित कर दें।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): 
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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