सारे ग्रहों में राहु को सबसे क्रूर और बुद्धि को भ्रमित करने वाला ग्रह माना जाता है। शनि के बाद राहु-केतु ऐसे ग्रह हैं जो एक राशि में लंबे समय लगभग 18 महीने तक रहते हैं। 18 अगस्त 2017 से राहु सिंह से कर्क राशि में 18 वर्षों के बाद प्रवेश करेगा। शनि के बाद राहु-केतु ऐसे ग्रह हैं जो एक राशि में लंबे समय तक रहते हैं। ऐसे में राहु का राशि परिवर्तन करना एक बड़ी ज्योतिषीय घटना मानी जाती है क्योंकि राहु शनि से भी अधिक अशुभ ग्रह है। राहु के राशि परिवर्तन से आपकी राशि पर क्या असर होगा आइए जानते हैं।
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मेष- राहु इस राशि से पांचवें भाव में गोचर होगा जिसके चलते इस राशि के जातको क्रिएटिव कामों में सफलता मिलेगी। राहु के पांचवें भाव में होना आपके के लिए कई मामलों में लाभकारी रहेगा। लेकिन काम की अधिकता की वजह से मानसिक दबाव बढ़ सकता है।
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वृष- राहु के चौथे भाव में गोचर होने से इस राशि वालों को निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ेगा जिसके चलते कई काम में दिक्कत आएगी। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा कर सकते है और धार्मिक और आध्यात्मिकता की ओर रुझान रहेगा ।
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मिथुन- राहु के तीसरे भाव में गोचर होने से मन में एक नई तरह की ऊर्जा का संचार होगा। आय के साधनों से अतिरिक्त लाभ के योग हो सकते है इसके आलावा इस राशि के जातको में अनैतिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी।
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कर्क- राहु के दूसरे भाव में गोचर से धन, सुख-शान्ति प्रभावित होंगे। परिवार में सदस्यों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है साथ ही सदस्यों के बीच तनाव हो भी हो सकता है इसलिए धैर्य से काम लें।
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सिंह- राहु के पहले भाव में गोचर से मन, सेहत व बुद्धि के क्षेत्र प्रभावित होंगे। मन विचलित रहेगा। पारिवारिक तनाव रहेगा। दूसरों के पतन की भावना बढेगी। पार्टनर से दूरी बढ़ेगी। मेंटल टेंशन बढ़ेगी। अत्यधिक क्रोध रहेगा। अगर आपकी कुंडली में शत्रु ग्रह एक-दूसरे के साथ बैठकर संबंध बना रहे हैं, तो इसका जातक की साख और सेहत पर गहरा असर पड़ सकता है। महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
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कन्या- सेहत की नजर से राहु का 12वें भाव में विचरण से सेहत के लिहाज से हानिकारक हो सकता है। नौकरीपेशा और बिज़नेस से जुड़े जातकों की तरक्की होगी। सितंबर के बाद राहु आपके ग्यारहवें भाव में आएगा। इस दौरान आमदनी बढ़ेगी और धन का आगमन तेजी से होगा।
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तुला- राहु इस राशि में 11वें भाव में रहेगा और यह 11वां भाव आर्थिक तरक्की से संबंधित होता है इसलिए इस साल राहु का इस राशि में परिवर्तन से अपार सफलता मिलेगा। आय के साधन बढ़ेंगे और कई सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। इस बीच बच्चों की सेहत से जुडी चिंता आपको परेशान कर सकती है। सितंबर के बाद नई नौकरी मिलने के आसार बन रहे हैं।
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वृश्चिक- राहु के दसवें गोचर से पिता, न्याय, करियर के क्षेत्र प्रभावित होंगे। कार्यस्थल पर वाद-विवाद के योग हैं। पिता से संबंध बिगड़ेंगे। कानूनी मामले परेशान करेंगे। करियर में अचानक बदलाव आने के योग बनेंगे। राहु के गोचर की वजह से क्रांतिकारी विचार उत्पन्न होंगे। जिसके फलस्वरूप आपका स्वभाव उग्र और उपद्रवी होगा। इसलिए कुछ भी करने से पहले सोचें और आगे बढ़े।
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धनु- राहु आपके नौंवे भाव में स्थित है। यह भाव आपकी प्रसिद्धि और भाग्य से संबंधित है। इस वर्ष पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रुरत है। पिता के साथ रिश्तों में कुछ ग़लतफहमी पैदा हो सकती है। किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना की चपेट में आ सकते हैं। भाग्य कमज़ोर पड़ेगा। कर्मों में शिथिलता आएगी।
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मकर- राहु के आठवें गोचर से काम सुख, देहिक सुख आयु, हैल्थ व यात्रा के क्षेत्र प्रभावित होंगे। राहु के गोचर के दौरान अप्रत्याशित लाभ की संभावना है। स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं उत्पन्न होंगी। सड़क दुर्घटना के योग हैं। गाड़ी चलाते समय सावधान रहें।बदनामी का भय सताएगा।
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कुंभ- राहु आपके सातवें भाव में गोचर करेगा। राहु के गोचर से वैवाहिक रिश्तों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है पति-पत्नी और प्रेमिका के बीच गलतफहमी होने से मतभेद होंगे। सिंतबर में राहु से 6वें भाव में भ्रमण करने से करियर में उन्नति होगी।छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। कानूनी विवादों का समाधान होगा और फैसला आपके पक्ष में होगा।
मीन- राहु आपके छठवें भाव में गोचर करेगा। इसके फलस्वरूप जीवन में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों से लड़ने के लिए आपको साहस और आत्मबल मिलेगा। आप शत्रुओं पर हावी होंगे और उन्हें पराजित करेंगे। सामाजिक रुतबा बढ़ेगा। कानूनी मामलों में राहत मिलेगी और दुश्मन पराजित होंगे।