Rahu Gochar 2022
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वैदिक ज्योतिशास्त्र में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना गया है। राहु विदेश यात्रा, शेयर, महामारी और राजनीति का कारक ग्रह माना गया है। राहु ज्योतिष में और धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्व है। राहु ग्रह भ्रम का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह है। जिन जातकों की कुंडली में राहु का प्रभाव रहता है वह व्यक्ति ख्यालों में खोए हुए रहता है। कुंडली में राहु का प्रभाव होने पर व्यक्ति को बुरी लत और संगत लग जाती है, हालांकि यह सब जातक की कुंडली में राहु किस भाव और किस ग्रह के साथ युति बना रहा है इस पर निर्भर करता है। वैदिक ज्योतिष में राहु को शनि के बाद सबसे धीमी गति से गोचर करने वाला ग्रह माना गया है। राहु किसी एक राशि में लगभग डेढ़ वर्षों तक रहते हैं। राहु की चाल हमेशा वक्री होती है यानी यह हमेशा उल्टी चाल से चलते हैं। इस साल राहु 12 अप्रैल की सुबह वृषभ राशि को छोड़कर अगले डेढ़ सालों तक मेष राशि में रहेंगे। आइए जानते हैं मेष, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों पर इसका कैसा रहेगा प्रभाव...