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Rahu Mahadasha: इन राशियों के लिए शुभ होती है राहु की महादशा, नहीं होती पैसे की कमी

Sat, 07 Jun 2025 04:02 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rahu Favourite Zodiac Sign: राहु की महादशा अक्सर जीवन में उथल-पुथल और भ्रम पैदा करती है, जो कई बार विनाशकारी भी हो सकती है। लेकिन कुछ राशियों के लिए यही राहु अचानक धन, शोहरत और ऊँचाई देकर किस्मत बदल देता है।
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राहु की महादशा - फोटो : adobe stock
Rahu Mahadasha Lucky Zodiac Sign: राहु और केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना जाता है, जिनकी चाल हमेशा वक्री यानी उल्टी दिशा में मानी जाती है। जब ये अशुभ फल देने लगते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में भारी परेशानियां, भ्रम और अस्थिरता आ सकती है। खासकर राहु यदि अनुकूल न हो तो वह जीवन को बर्बादी की ओर ले जा सकता है। लेकिन जब राहु शुभ होता है, तो यह जातक को राजनीति, व्यापार और समाज में अप्रत्याशित रूप से ऊँचाइयों तक पहुँचा देता है। कई बार तो इसका प्रभाव इतना जबरदस्त होता है कि व्यक्ति की किस्मत एक ही रात में पूरी तरह बदल जाती है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु को अचानक घटने वाली घटनाओं और बदलावों का प्रतिनिधि माना गया है। ये बदलाव सकारात्मक भी हो सकते हैं और नकारात्मक भी। यह राहु की स्थिति और दशा पर निर्भर करता है। यदि राहु कुंडली में शुभ हो, तो यह व्यक्ति को धन, प्रसिद्धि, प्रभाव और वैभव से भर देता है। ऐसे जातक समाज में विशेष पहचान बनाते हैं और कई बार ऐसे अवसर पाते हैं, जिनकी आम लोग कल्पना भी नहीं कर सकते।
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राहु की महादशा - फोटो : adobe stock
राहु की महादशा का प्रभाव 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु की महादशा 18 वर्षों तक चलती है। इस दौरान अलग-अलग ग्रहों की अंतर्दशाएं भी आती हैं, जिनके कारण फल समय-समय पर बदलते रहते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु अशुभ स्थिति में हो, तो ये 18 साल जीवन में मानसिक तनाव, धोखा, भ्रम, आर्थिक संकट और रिश्तों में तनाव जैसे कई कष्ट लेकर आते हैं। वहीं, अगर राहु शुभ स्थान पर हो, तो यही 18 साल किसी की किस्मत बदलने के लिए काफी होते हैं। राहु व्यक्ति को बेशुमार दौलत, शोहरत, सफलता और विलासिता से भर देता है। आइए जानते हैं किन राशियों को शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। 
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सिंह राशि के जातकों को अचानक सुनहरे मौके, नई पहचान और बड़ी जिम्मेदारियां मिलती हैं। - फोटो : daily rashifal
सिंह राशि
राहु को सिंह राशि बेहद प्रिय होती है क्योंकि यह एक राजसिक और अग्नि तत्व की राशि है, जिसकी प्रवृत्ति नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा से जुड़ी होती है। जब राहु सिंह राशि के जातकों की महादशा में शुभ स्थिति में होता है, तो यह जातकों को राजनीति, प्रशासन, मीडिया, अभिनय, और बड़े स्तर के प्रोजेक्ट्स में जबरदस्त सफलता दिला सकता है।
इस समय में सिंह राशि के जातकों को अचानक सुनहरे मौके, नई पहचान और बड़ी जिम्मेदारियां मिलती हैं। उनका सामाजिक दायरा बढ़ता है और वो अपनी बातों और छवि से लोगों को प्रभावित करने लगते हैं। राहु की यही दशा उन्हें भीड़ से अलग पहचान देती है। कई बार ऐसा भी होता है कि जो लोग सामान्य जीवन जी रहे होते हैं, वो इसी महादशा में रातों-रात प्रसिद्धि और समृद्धि की ओर बढ़ जाते हैं। हालांकि, राहु की चाल मायावी होती है, इसलिए सिंह राशि वालों को इस दौरान अहंकार, दिखावे और गलत निर्णयों से बचना चाहिए। वरना यह शुभ राहु भी विपरीत प्रभाव दे सकता है।

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वृश्चिक राशि के जातक जीवन में गहरे बदलावों से गुजरते हुए अचानक सफलता, पैसा और नाम कमाते हैं। - फोटो : अमर उजाला
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि रहस्यमय और जल तत्व की राशि है, जो गहराई, आत्मचिंतन और परिवर्तन से जुड़ी होती है। राहु इस राशि में आकर आंतरिक शक्ति को बाहर लाने का काम करता है। यदि राहु शुभ हो तो वृश्चिक राशि के जातक जीवन में गहरे बदलावों से गुजरते हुए अचानक सफलता, पैसा और नाम कमाते हैं।
इस महादशा में वे जातक जो लंबे समय से संघर्ष कर रहे होते हैं, वे एकाएक उभर कर सामने आते हैं और अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध और सफल हो जाते हैं। राहु यहां बुद्धिमत्ता, रणनीति और रिस्क लेने की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे वृश्चिक जातक व्यापार, रिसर्च, खुफिया एजेंसियों, टेक्नोलॉजी और गुप्त ज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं।
वृश्चिक राशि के लोग राहु महादशा में गूढ़ विषयों में रुचि, आध्यात्मिक प्रगति और कभी-कभी विदेशी संपर्कों के ज़रिए भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह समय उनके लिए बदलाव, विस्तार और आत्म-विकास का होता है। हालांकि, राहु भ्रम और लालच भी दे सकता है, इसलिए वृश्चिक जातकों को चाहिए कि वे भावनाओं और मानसिक असंतुलन से दूर रहें और सही मार्ग पर टिके रहें।
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रीबों को दान देना, सेवा करना, और रोज़ाना योग या व्यायाम करना भी तनाव और भ्रम से राहत देता है। - फोटो : adobe stock
राहु की अशुभ महादशा के उपाय
अगर राहु की महादशा अशुभ फल देने लगे, तो कुछ सरल उपाय अपनाकर इसका प्रभाव कम किया जा सकता है। सबसे प्रभावी उपाय है भगवान शिव की उपासना और महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप करना। शनिवार के दिन बहते जल में नारियल प्रवाहित करना और काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी लाभकारी होता है। इसके अलावा, गरीबों को दान देना, सेवा करना, और रोज़ाना योग या व्यायाम करना भी तनाव और भ्रम से राहत देता है, जो राहु की अशुभ दशा में आमतौर पर देखने को मिलते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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