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Astrology: अचानक बढ़ रही हैं परेशानियां और दबाव, राहु का असर हो सकता है कारण

Fri, 19 Jun 2026 09:39 AM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

ज्योतिष के अनुसार राहु के प्रभाव से जीवन में अचानक तनाव और बाधाएं बढ़ सकती हैं। जानें किन कारणों से बढ़ती हैं परेशानियां और क्या हैं इसके ज्योतिषीय संकेत व उपाय।

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rahu - फोटो : amar ujala

वैदिक ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह माना गया है, जिसका प्रभाव अक्सर अप्रत्याशित और गहरा होता है। जब यह ग्रह अशुभ स्थिति में होता है या इसकी दशा सक्रिय रहती है, तो व्यक्ति के जीवन में अचानक रुकावटें, मानसिक अस्थिरता, भ्रम और परिस्थितियों में अनचाहे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि राहु केवल चुनौतियां ही नहीं देता, बल्कि सही दिशा में मेहनत और समझदारी से यही ग्रह व्यक्ति को बड़ी उपलब्धियां, विदेश से जुड़े अवसर और सामाजिक पहचान भी दिला सकता है। अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के जीवन में परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं, तो यह राहु के प्रभाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में इसके संकेतों को समझना और सही उपाय अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है।

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कैसे पहचानें कि राहु जीवन में बाधाएं बना रहा है? - फोटो : adobe stock

कैसे पहचानें कि राहु जीवन में बाधाएं बना रहा है?
जब राहु का प्रभाव सक्रिय होता है, तो जीवन में कुछ संकेत बार-बार दिखाई देने लगते हैं। कई बार बिना किसी स्पष्ट वजह के मन में उलझन और भ्रम बढ़ने लगता है और निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है। पहले से चल रहे काम अचानक अटकने लगते हैं या अंतिम समय पर बिगड़ जाते हैं। कुछ लोगों को इस दौरान कानूनी मामलों, विवादों या अनचाही बहस में फंसना पड़ सकता है। मानसिक तनाव, असुरक्षा की भावना और अजीब-सा डर भी बढ़ सकता है। रिश्तों में गलतफहमियां, बार-बार झगड़े या दूरी जैसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा गलत संगति की ओर आकर्षण, आदतों में गिरावट या असंतुलन भी देखने को मिल सकता है। मेहनत करने के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलना भी राहु के प्रभाव का एक संकेत माना जाता है। कई बार नींद में परेशानी, बेचैनी या अजीब सपनों का अनुभव भी होता है।

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राहु और चन्द्रमा युति - फोटो : adobe stock

राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने वाले मंत्र और उपाय
ज्योतिष में राहु की शांति के लिए मंत्र जप को बेहद प्रभावी माना गया है। नियमित और श्रद्धा के साथ किए गए जप से मन शांत होता है और नकारात्मक प्रभाव कम होने लगते हैं।

राहु बीज मंत्र:
ॐ रां राहवे नमः

राहु तांत्रिक मंत्र:
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

राहु वैदिक मंत्र:
ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृधः सखा। कया शचिष्ठया वृता॥

इन मंत्रों का नियमित जप मानसिक स्थिरता लाने और राहु के दुष्प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

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राहु शांति के लिए व्रत - फोटो : amar ujala

राहु शांति के लिए व्रत 
राहु दोष को शांत करने के लिए शनिवार का व्रत विशेष रूप से उपयोगी माना गया है। परंपरागत रूप से कई लोग लगातार कुछ शनिवारों तक उपवास रखते हैं और इस दिन विशेष पूजा करते हैं। काले रंग के वस्त्र पहनना, पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और राहु मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस तरह की साधना से मानसिक तनाव कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में चल रही रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।

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राहु शांति के लिए दान और रत्न - फोटो : adobe stock

राहु शांति के लिए दान और रत्न
राहु की शांति के लिए दान को बहुत प्रभावी उपाय माना गया है। जरूरतमंदों को काले तिल, सरसों का तेल, काला कंबल, लोहा, गेहूं और नीले या काले रंग की उपयोगी वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है। रत्नों में गोमेद को राहु का प्रमुख रत्न माना गया है, लेकिन इसे बिना सही कुंडली विश्लेषण के पहनना उचित नहीं माना जाता। सही सलाह के साथ ही यह रत्न व्यक्ति के जीवन में अवसरों और स्थिरता का मार्ग खोल सकता है, जबकि गलत चयन से परिणाम विपरीत भी हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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