बेटी की चाह रखने वाले दंपती क्या करें?
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बेटी की चाह रखने वाले दंपती क्या करें?
बेटी की इच्छा रखने वाले दंपती के लिए एकादशी व्रत या भगवान विष्णु की पूजा को लेकर कोई विशेष धार्मिक रोक नहीं मानी जाती। वे स्वस्थ, संस्कारी और सुखी संतान की कामना के साथ व्रत रख सकते हैं। संकल्प लेते समय अपनी इच्छा को भगवान विष्णु के सामने प्रार्थना के रूप में रख सकते हैं।
धार्मिक परंपरा में पुत्र और पुत्री दोनों को परिवार के लिए समान महत्व दिया गया है। मनुस्मृति में भी “पुत्रेण दुहिता समा” का उल्लेख मिलता है, जिसका भाव है कि पुत्री को पुत्र के समान माना गया है। संतान चाहे बेटा हो या बेटी, सबसे महत्वपूर्ण कामना उसका स्वस्थ, संस्कारी, सुरक्षित और सुखी होना है। धार्मिक अनुष्ठानों का उद्देश्य भी इसी सकारात्मक भावना और श्रद्धा से जुड़ा होना चाहिए।